By नीरज कुमार दुबे | Jan 07, 2025
जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर आधारित है और अनुच्छेद 370 हटने के बाद जिस तरह देशभर के पर्यटक कश्मीर की हसीन वादियों का दीदार करने पहुँच रहे हैं उससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ हुआ है। अब सिर्फ पर्यटन सीजन में ही नहीं बल्कि साल भर होटल फुल रहते हैं, शिकारा और हाउसबोट वाले खाली नहीं बैठते, टैक्सी ऑपरेटर भी व्यस्त रहते हैं। फ्लाइटें भी यात्रियों से भरी रहती हैं। जाहिर है कश्मीरियों को इससे खूब रोजगार मिल रहा है लेकिन इस स्थिति से वह लोग खुश नहीं हैं जो अलगाववादी विचारधारा के हैं। इसी कड़ी में एक नाम है सत्तारुढ़ नेशनल कांफ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह का। उन्होंने एक विवादित बयान देते हुए कहा है कि कश्मीर में पर्यटकों का आना मेरी नजर में टूरिज्म नहीं बल्कि हमारी संस्कृति पर आक्रमण है।