कश्मीर में खून की एक भी बूंद बहते नहीं देखना चाहती मोदी सरकार

By डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Oct 01, 2019

संयुक्त राष्ट्र में मोदी और इमरान के बाद कश्मीर का हाल क्या है ? इमरान खान के भाषण का असर चाहे चीन और तुर्की के अलावा किसी भी राष्ट्र पर न पड़ा हो लेकिन 55 दिन से सोये कश्मीर में अब कुछ न कुछ हलचल मची है। जगह-जगह लोगों ने प्रदर्शन भी किए हैं, हथगोले भी फेंके हैं और आतंकियों ने भी अपने तेवर दिखाए हैं। कुछ लोग मारे भी गए हैं। कई इलाकों में कर्फ्यू दुबारा लगाना पड़ा है। फौजियों की संख्या भी बढ़ाने पर विचार हो रहा है। स्कूल-कालेज खुले हैं लेकिन उनमें कोई दिखाई नहीं पड़ता। दुकानें भी मुश्किल से एक-दो घंटे के लिए खुल पा रही हैं। सड़कों पर भी यातायात लगभग बंद-सा हो गया है। यह सब मुझे देश के प्रमुख अखबारों की खबरों से पता चला है, क्योंकि मोबाइल फोन और इंटरनेट तो बंद पड़े हैं।

इसे भी पढ़ें: घाटी से सिर्फ हिंदुओं का पलायन नहीं हुआ था, हिंदू धर्म को भी आघात पहुँचाया गया

यहां संतोष का विषय है कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने खुले तौर पर घोषणा की है कि उनकी सरकार अगले कुछ दिनों में ही लगभग 70 हजार नौजवानों को नौकरियां देने वाली है। यह काम अगले तीन महीने में पूरा हो जाएगा। हर गांव से कम से कम पांच लोगों को नौकरी मिलेगी। सरकारी कंपनी ‘नाफेड’ ने पहली बार 8000 करोड़ रु. के सेब खरीदे हैं और 1100 ट्रक रोज सेब कश्मीर से बाहर ले जाए जा रहे हैं। सेब वालों को उनके सेब के डेढ़े दाम भी दिए जा रहे हैं। अस्पतालों में 55 दिन में 70 हजार आपरेशन और एक लाख लोगों का इलाज किया गया है। बच्चे यदि स्कूलों में नहीं आ रहे हैं तो उन्हें पेन ड्राइव के जरिए पढ़ाने का इंतजाम किया जा रहा है। कश्मीर में उद्योग-धंधे लगाने और पर्यटन को बढ़ाने के लिए कुछ नई पहल भी की जा रही हैं। ये सब काम तो ठीक हैं लेकिन मैं सोचता हूं कि कश्मीरी नेताओं और जनता से भी खुले संवाद की खिड़कियां खोलनी अब जरूरी है। यदि इस पहल को सफलता मिलेगी तो भारत-पाक संवाद के हालत अपने आप तैयार हो जाएंगे।

-डॉ. वेदप्रताप वैदिक

प्रमुख खबरें

Arizona हत्या का आरोपी Varun Bachigari जर्मनी में गिरफ्तार, भारत भागने की थी योजना

Odisha में भारी बारिश से बाढ़ के हालात, Hirakud Dam के 12 गेट खोले गए

MCD दिल्ली की Naini Lake के कायाकल्प पर खर्च करेगी 9.73 करोड़ रुपये, जुलाई 2027 तक पूरा होगा काम

Harsh Sanghavi ने कहा, FTA से गुजरात के कपड़ा उद्योग को वैश्विक अवसर मिलेगा