By रेनू तिवारी | Aug 27, 2025
आगरा रेल डिवीजन ने मंगलवार को एक स्टेशन मास्टर और एक यातायात नियंत्रक को निलंबित कर दिया, क्योंकि उन्होंने दिल्ली जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस को मरम्मत के अधीन ट्रैक पर मोड़ दिया था, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी। सूत्रों ने बताया कि सतर्क ट्रेन चालक दल ने ट्रैक रखरखाव कर्मचारियों द्वारा लगाए गए लाल झंडे को देखा और आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन को मरम्मत किए जा रहे ट्रैक के खंड पर पहुंचने से पहले ही रोक दिया।
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को सुबह करीब साढ़े 10 से 11:00 बजे के बीच एक यात्री की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर ट्रेन टिकट परीक्षक (टीटीई) ने आगरा नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर छाता स्टेशन पर ट्रेन रोकने का अनुरोध किया। एक सूत्र ने बताया ‘‘हालांकि, छाता स्टेशन पार हो गया क्योंकि आवश्यक निर्देश समय पर लोको पायलट तक नहीं पहुंच पाए।
इसके बाद टीटीई ने फिर संपर्क कर अगले स्टेशन कोसी पर यात्री को उतारने की अनुमति मांगी, क्योंकि उसकी तबीयत और बिगड़ गई थी।’’ उसने बताया ‘‘जब कोसी पर भी ट्रेन नहीं रुकी, तब ट्रेन में मौजूद कर्मियों ने एक बार फिर अनुरोध किया, जिसके बाद होडल स्टेशन पर ट्रेन रोकने का निर्णय लिया गया लेकिन स्टेशन मास्टर ने जल्दबाजी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए ट्रेन को उस लूप लाइन पर मोड़ दिया जिसकी मरम्मत की जा रही थी।’’
घटना से अवगत अधिकारियों ने बताया कि पटरी की मरम्मत कर रहे कर्मियों ने लूप लाइन की शुरुआत से पहले लाल झंडा लगाया हुआ था जिसे देखकर सतर्क चालक दल ने तुरंत ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका। मंडल के एक अधिकारी ने कहा ‘‘अगर लोको पायलट ने समय पर सूझबूझ न दिखाई होती तो एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। केवल निचले स्तर के नहीं, बल्कि वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों को भी इस तरह की गंभीर सुरक्षा चूक के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।