By नीरज कुमार दुबे | Aug 29, 2023
कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाये जाने के बाद से माहौल में अब काफी बदलाव आ चुका है। जिस कश्मीर घाटी में शाम सात बजे के बाद सड़कें वीरान और सूनसान हो जाया करती थीं आज वहां आधी रात तक भी रौनक रहती है। अलगाववादी संगठन हुर्रियत के फरमानों के चलते कश्मीर के जिन बाजारों को सप्ताह में कभी कभार ही खुलने की इजाजत होती थी अब वह मध्यरात्रि तक खुले रहते हैं जिससे दुकानदार काफी खुश हैं। इसके अलावा, श्रीनगर शहर की रौनक और लाइटिंग रात्रि को देखते ही बनती है। रात में आइसक्रीम और कुल्फी का आनंद लेने के लिए जब लोगों की भीड़ निकलती है तो देखकर लगता ही नहीं कि यह वही वाला कश्मीर है जो अनुच्छेद 370 लगे रहने के दौरान इस तरह का जीवन जीने के लिए तरसता था। कश्मीर में हाउसबोटें फुल हैं और शिकारा राइड कराने वालों को दो शिफ्टों में काम करना पड़ रहा है क्योंकि अब रात्रि में भी लोग शिकारा की सैर करने आते हैं।
हम आपको बता दें कि तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में पद्मश्री प्रोफेसर अशोक चक्रधर, प्रसिद्ध अभिनेता मनु ऋषि चड्ढा और भारत भर से उर्दू कवियों ने भाग लिया। जश्न-ए-अदब साहित्योत्सव सांस्कृतिक कारवाँ विरासत 2023 हमारे देश की विरासत का सार प्रस्तुत करता है जो हिंदुस्तानी कला, संस्कृति और साहित्य के रूप में जीवित है। जश्न-ए-अदब साहित्योत्सव हिंदुस्तानी कला, संस्कृति और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए समर्पित सबसे बड़े प्लेटफार्मों में से भी एक है।