आधुनिक लोकतांत्रिक भारत में ज्ञानवापी जैसी बहस पर विचार नहीं किया जाना चाहिए: जयंत चौधरी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 29, 2022

लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले रविवार को कहा कि आधुनिक लोकतांत्रिक भारत में ज्ञानवापी मस्जिद जैसी बहस पर विचार नहीं किया जाना चाहिए। राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार को रालोद प्रमुख अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। जयंत चौधरी इस सवाल पर चुप्पी साधे रहे कि क्या समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए उनके नाम की घोषणा करने में देरी से वह परेशान थे, जबकि उनकी पार्टी के सूत्रों ने कहा कि शुरू में वह गठबंधन के सहयोगी के रुख से काफी अचंभित और परेशान थे। सूत्र ने कहा, ‘‘हालांकि, आखिरकार सबकुछ ठीक हो गया।’’ रालोद ने विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर लड़ा और इनका गठबंधन 2019 के लोकसभा चुनाव से चल रहा है। सपा ने तीन दिन पहले यह घोषणा की कि जयंत चौधरी समाजवादी पार्टी और रालोद की ओर से राज्यसभा चुनाव के लिये संयुक्त प्रत्याशी होंगे जबकि सपा के समर्थन से कपिल सिब्बल और जावेद अली खान पहले ही नामांकन पत्र दाखिल कर चुके हैं। जयंत चौधरी की उम्मीदवारी की देर से घोषणा होने से इन अटकलों को बल मिला कि जयंत चौधरी परेशान थे।

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राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद चौधरी उच्‍च सदन में अपनी पार्टी के अकेले सदस्‍य होंगे। जयंत चौधरी ने दूरभाष पर पीटीआई- से बातचीत में ज्ञानवापी मस्जिद के मुद्दे पर कहा, यदि आप इसे देखें, तो कानून इस तरह की बहस (जैसी ज्ञानवापी मुद्दे पर चल रही है) की अनुमति नहीं देता है। हमें आधुनिक लोकतांत्रिक भारत में ऐसी बहसों पर विचार नहीं करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, हम अपने इतिहास की घटनाओं का उल्लेख करके भविष्य के लिए और अधिक गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश न करें। हमें आगे की ओर देखने और वास्तविक भारत के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने की आवश्यकता है। चौधरी से उनके नामांकन पत्र दाखिल करने के बारे में पूछे जाने पर कहा, मैं सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करूंगा। आज पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर दिल्ली में एक कार्यक्रम है। हम एक सामाजिक न्याय सम्मेलन कर रहे हैं। हम अन्य मुद्दो के साथ जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं। इसमें विभिन्न दलों के प्रतिनिधि होंगे। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह रालोद प्रमुख के पितामह (बाबा) ह्रैं। 

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