मिशन विपक्षी एकता कितना होगा कारगर ? राहुल के बाद कुमारस्वामी से मिले नीतीश कुमार, गर्मजोशी के साथ हुई मुलाकात

By अनुराग गुप्ता | Sep 05, 2022

नयी दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ-साथ विपक्षी पार्टियां भी सक्रिय हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के सामने विपक्ष का चेहरा कौन होगा ? सबसे अहम यही सवाल है और इसका जवाब राजनीतिक पार्टियां भी चाहती हैं क्योंकि विपक्षी दलों के कई नेता खुद को 'प्रधान नेता' मानते हैं, जो नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेगा।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करते के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार की शाम को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात की। जिसकी तस्वीरें सामने आई हैं, जिसको देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मुलाकात काफी गर्मजोशी भरी रही है। नीतीश कुमार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उनका मुख्य उद्देश्य मेरी कोई इच्छा (प्रधानमंत्री बनने की) नहीं है। मैं यही चाहता हूं कि विपक्ष एक साथ आए और भाजपा के खिलाफ लड़े। विपक्ष एक साथ आएगा तो अच्छा होगा।

कांग्रेस ने की नीतीश की तारीफ

नीतीश कुमार ने एचडी कुमारस्वामी से पहले राहुल गांधी से मुलाकात की थी और यह मुलाकात करीब 50 मिनट तक चली थी। जहां पर लोकसभा चुनाव को लेकर अहम चर्चा हुई थी। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई कि नीतीश कुमार को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि एनडीए से अलग होने के बाद विपक्षी एकता को मजबूत करने के इरादे के साथ पहली बार नीतीश कुमार दिल्ली आए हुए हैं और यहां पर वह नेताओं के साथ मुलाकात कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेता राहुल गांधी द्वारा नीतीश कुमार को संयुक्त विपक्ष के चेहरे के रूप में स्वीकार किए जाने से संबंधित सवालों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा ? इस बारे में समय से पहले सवाल भाजपा द्वारा प्रायोजित हैं। हम समय आने पर और लोकतांत्रिक तरीके से निर्णय लेंगे। हालांकि नीतीश कुमार के विपक्षी एकता को मजबूत करने के प्रयासों को लेकर उनकी तारीफ भी की।

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कांग्रेस बिना विपक्षी एकता संभव नहीं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि उनके जैसे छोटे दलों ने पहले कांग्रेस को दूर रखकर अपने हाथ जलाए थे। पार्टी अभी भी भाजपा की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी है। कांग्रेस के बिना विपक्ष की एकता संभव नहीं है। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें भाजपा के खिलाफ एक मोर्चे की जरूरत है, जिसमें कांग्रेस भी हो।

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