By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 22, 2026
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने धनबाद, जामताड़ा और पाकुड़ जिलों में मतदान केंद्रों के शनिवार को निरीक्षण के दौरान मतदाताओं के गणना प्रपत्रों और जमा किए गए दस्तावेजों में पाई गई विसंगतियों की जांच के आदेश दिए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। कुमार ने इन विसंगतियों को गंभीरता से लेते हुए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को प्रत्येक मामले की विस्तृत जांच करने और नियमों के अनुसार मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया।
इस बीच, निर्वाचन आयोग ने शनिवार को प्रत्येक मतदान केंद्र पर दो दिवसीय विशेष शिविर शुरू किए। इन शिविरों का उद्देश्य 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र लोगों और ऐसे परिवारों की सहायता करना है, जिनके सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों में दर्ज हैं। ये शिविर मतदाता सूचियों के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत लगाए गए हैं।
शिविर का समापन रविवार को होगा। कुमार ने कहा, ‘‘18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या एक अक्टूबर तक 18 वर्ष के होने वाले पात्र व्यक्ति शिविर में जाकर प्रपत्र-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि यदि परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं, लेकिन वे वर्तमान में एक ही स्थान पर रहते हैं, तो प्रपत्र-8 भरा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए उनके नाम एक ही मतदान केंद्र पर स्थानांतरित किए जा सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने पांच अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की थी, जिसमें 43.61 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे। कुमार ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में 2.64 करोड़ मतदाता थे। प्रक्रिया के बाद प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में 2.21 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.12 करोड़ पुरुष, 1.08 करोड़ महिलाएं और 260 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं।
यह प्रक्रिया 30 जून से 29 जुलाई के बीच कराई गई थी। इस दौरान बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित किए, उन्हें एकत्र किया और उनका सत्यापन किया। एक अधिकारी ने बताया कि आयोग ने राज्य में एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी है जबकि संशोधित मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख बढ़ाकर 19 अक्टूबर कर दी गई है।
इससे पहले दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि पांच अगस्त से चार सितंबर तक थी और अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर को प्रकाशित होनी थी।