By एकता | Aug 09, 2026
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच रविवार को छठे दौर की बातचीत खत्म हो गई। करीब 5 घंटे तक चली इस लंबी बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। छात्रों की सबसे बड़ी मांग परीक्षाओं की जांच CBI को सौंपने की थी, लेकिन सरकार के साथ इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर सरकार का रुख
मंत्री ने स्पष्ट किया कि CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पूरी नहीं की जा सकती, क्योंकि यह परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत हुई थी और सफल उम्मीदवार पहले ही नौकरी में आ चुके हैं। इसे एकतरफा रद्द करने का अधिकार सरकार के पास नहीं है। सरकार ने जांच की देखरेख के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे छात्रों ने खारिज कर दिया। सरकार का मानना है कि उसने छात्रों की 98% मांगें मान ली हैं। इसे भी पढ़ें: Ranchi में प्रदर्शनकारी छात्रों से मिले संजय सेठ और आदित्य साहू, उठाई CBI जांच की मांग
CBI जांच से कम कुछ मंजूर नहीं
दूसरी तरफ, सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद छात्र नेता कुणाल ने साफ कहा कि आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा, "हमारी मुख्य मांग CBI जांच की है और हम इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे।" उन्होंने ऐलान किया कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा।