JPSC Exam Cancellation: झारखंड हाई कोर्ट ने Hemant Soren सरकार को दिया झटका, फैसले पर लगाई रोक

By अभिनय आकाश | Aug 20, 2026

झारखंड हाई कोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित दो भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है, जिससे इस फैसले को चुनौती देने वाले उम्मीदवारों को राहत मिली है। कोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षाओं और खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षा से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 15 दिनों के भीतर अपना जवाब और जवाबी हलफनामा (counter-affidavit) दाखिल करे। कोर्ट के अंतरिम आदेश का मतलब है कि सरकार का दो परीक्षाओं को रद्द करने का फ़ैसला आगे की कार्यवाही तक रुका रहेगा। कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, दोनों परीक्षाओं से जुड़े याचिकाकर्ताओं को भी तुरंत प्रभाव से अपना काम फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।

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15 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे तीन प्रदर्शनकारियों ने भी बुधवार को अपना अनशन खत्म कर दिया। इससे पहले, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र महतो ने सोमवार को अपनी 16 दिन की भूख हड़ताल खत्म की थी, जबकि दो अन्य प्रदर्शनकारियों, प्रेम नायक और उम्मे हबीबा ने अगले दिन अपना अनशन वापस ले लिया। JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार दो महीने के अंदर मुद्दों का समाधान नहीं करती है, तो वे आंदोलन को और तेज़ करेंगे। 

सफल उम्मीदवारों ने परीक्षा रद्द होने का विरोध किया

हालांकि, परीक्षा रद्द होने से लगभग 2,000 सफल उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन किया, खासकर वे जो JSSC कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा के ज़रिए चुने गए थे। कई सफल उम्मीदवारों ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया, सरकार के फ़ैसले को चुनौती दी और नौकरी जाने के ख़तरे से सुरक्षा की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि उन्हें मेरिट के आधार पर नौकरी मिली थी और उन्हें उन कथित अनियमितताओं के लिए सज़ा नहीं दी जानी चाहिए जिनमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी। कुछ उम्मीदवार बुधवार को रोक के आदेश और पुलिस की चेतावनी के बावजूद झारखंड सचिवालय परिसर में भी घुस गए। असिस्टेंट सेक्शन ऑफ़िसर श्याम सुंदर मंडल ने कहा, "हमने अपनी मेरिट के आधार पर परीक्षा पास की। हमारा किसी भी अनियमितता से कोई लेना-देना नहीं है। सरकार को हमें सज़ा देने का कोई अधिकार नहीं है।

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