By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 06, 2026
रांची, छह नवंबर भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन के बीच झारखंड उच्च न्यायालय ने 2024 की झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा को रद्द करने संबंधी राज्य सरकार की एक अधिसूचना को शुक्रवार को निरस्त कर दिया। परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों द्वारा दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने अधिसूचना को यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि सरकार का निर्णय ‘‘अन्यायपूर्ण और अनुचित’’ था। राज्य सरकार ने 18 अगस्त को जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 को रद्द कर दिया था, जिससे परीक्षा पास करने वाले हजारों सरकारी कर्मचारी बेरोजगार हो गए थे।
राज्य सरकार ने तर्क दिया कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और प्रश्न पत्र लीक के सबूतों के कारण उसने परीक्षा रद्द की, जबकि कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय के समक्ष दलील दी कि उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी गई। अगस्त में झारखंड सरकार ने 21 और 22 सितंबर 2024 को आयोजित जेएसएससी-सीजीएल-2023 समेत 2014 से आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया था तथा कथित अनियमितताओं के खिलाफ अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को शांत करने के लिए 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए थे। ये परीक्षाएं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित की गई थीं।
हालांकि, झारखंड उच्च न्यायालय ने सफल अभ्यर्थियों की याचिका के आधार पर जेएसएससी-सीजीएल-2023 सहित कुछ परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी। झारखंड सीआईडी का एक विशेष जांच दल (एसआईटी) जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहा है।