Jharkhand में JPSC और JSSC परीक्षा में धांधली के खिलाफ छात्रों का रचनात्मक प्रदर्शन जारी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 09, 2026

नमिता तिवारी रांची, नौ अगस्त सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे झारखंड के छात्र अपने गुस्से को हिंसा या अपशब्दों के बजाय रचनात्मक अंदाज में आवाज दे रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर कहीं सरकारी नौकरियों का फर्जी ‘रेट कार्ड’ लगा है, कहीं व्यंग्यात्मक पोस्टर हैं तो कहीं ‘रश्मिरथी’ की पंक्तियां गूंज रही हैं। रांची के बीचोंबीच स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 500 रुपये के नोट जैसी दिखने वाली गड्डियों से लदा एक तराजू सरकारी नौकरियों के नकली ‘रेट कार्ड’ के पास रखा है।

कुछ छात्रों ने व्यंग्यात्मक ‘नौकरी बिक्री केंद्र’ बनाया है, जिसमें सहायक शिक्षक के पद की कीमत 15 लाख रुपये, पुलिस उपाधीक्षक की 1.2 करोड़ रुपये, प्रखंड विकास अधिकारी की 90 लाख रुपये और अंचल अधिकारी की एक करोड़ रुपये बताई गई है। कुछ पोस्टर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तस्वीर के साथ काल्पनिक ‘मुख्यमंत्री सीट बेचो योजना’ का जिक्र किया गया है और व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा है, ‘‘पेमेंट करो आराम से, नौकरी पाओ सम्मान से।’’ प्रदर्शनकारी छात्र विवेक ने सफेद टी-शर्ट पर स्याही से लिखा है, ‘‘व्यवस्था ने हमें निराश किया है।’’ एक अन्य स्थान पर एक छात्रा झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दिवंगत संस्थापक शिबू सोरेन के बड़े पोस्टर के सामने सिर झुकाकर उनके पुत्र एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों के साथ ‘‘अन्याय करने वालों के खिलाफ कार्रवाई’’ की अपील करती नजर आई। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने ऐसा पोस्टर थाम रखा है, जिसमें एक न्यायाधीश को सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) से कागज की जांच करते दिखाया गया है और उसके साथ एक व्यंग्यात्मक संदेश लिखा है, ‘‘ ‘माइक्रोस्कोप’ इतना पावरफुल (शक्तिशाली) निकला कि सबूत दिखे नहीं, गायब कर दिए गए।’’ कुछ पोस्टर पर झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य और उनकी पत्नी की तस्वीर प्रमुखता से लगाई गई है।

उनकी पत्नी को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का सदस्य नियुक्त किया गया है। पोस्टर पर मुख्यमंत्री के साथ उनकी तस्वीर के पास लिखा है, ‘‘जब मित्र और पार्टी नेता की पत्नी को जेपीएससी का सदस्य बनाया गया है तो निष्पक्ष जेपीएससी परीक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है?’’ एक प्रदर्शनकारी छात्र की तख्ती पर लिखा है, ‘‘न कोयला खदान मांगते हैं, न विधायक का पद; हम जेएसएससी-जेपीएससी का प्रश्नपपत्र रद्द कराना चाहते हैं।’’ एक अन्य छात्र झारखंड सरकार को संबोधित पोस्टर थामे नजर आया जिस पर लिखा है, ‘‘प्रिय झारखंड सरकार, अपना भविष्य बचाइए।’’ यहां ‘भविष्य’ से आशय प्रदर्शनकारी छात्रों से है। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी राजनीतिक कटाक्ष में शामिल हुई और उसने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए एक पोस्टर लगाया, जिस पर लिखा है,‘‘कब आओगे मेरे राहुल, तुम्हें झारखंड बुलाता है।’’ एक छात्र नेता ने आंदोलन की अलग शैली को बयान करते हुए कहा, ‘‘झारखंड के छात्रों के आंदोलन की अपनी अलग है-पत्थर नहीं, नारे; तोड़फोड़ नहीं, दृश्य संदेश; चुप्पी नहीं, व्यंग्य।’’ प्रदर्शनकारी संजीव कुमार ने कहा, ‘‘हम छात्र हैं और हमें न्याय एवं व्यवस्था में सुधार चाहिए।

हमारा आंदोलन केवल भर्ती प्रक्रिया में सुधार पर केंद्रित है।’’ आंदोलन की अगुवाई कर रहे ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ ने यह सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया है कि प्रदर्शन में अपमानजनक या अभद्र का इस्तेमाल न हो। प्रदर्शन स्थल पर प्रमुखता से प्रदर्शित एक ‘आचार संहिता’ में प्रतिभागियों से मंच से राजनीतिक, धार्मिक या जातिगत बयान देने से बचने की अपील की गई है। इसमें कहा गया है, ‘‘मूल उद्देश्यों से न भटकें।

हमारी लड़ाई व्यवस्था में सुधार के लिए है। अपमानजनक का इस्तेमाल न करें।’’ आयोजकों ने कहा कि इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य आंदोलन को उसकी मूल मांगों पर केंद्रित रखना है। परीक्षा व्यवस्था में सुधार के अलावा प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।

उनकी मांग है कि जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीशों की समिति से। छात्रों का प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा।

प्रमुख खबरें

BIS बढ़ाएगा Silver Jewellery की जांच क्षमता, दो वर्षों में होगा लैब का विस्तार

PM Modi ने भारत छोड़ो आंदोलन के वीरों को किया याद, साहस को बताया हर भारतीय की प्रेरणा

RC Bhargava ने आर्थिक सुधार तेज करने का किया आह्वान, Maruti Suzuki ने बायोगैस में बढ़ाया निवेश

Yogi Adityanath ने लखनऊ में Tiranga Yatra निकाली, राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान पर चेताया