Jharkhand के उच्च शिक्षा मंत्री Sudivya Kumar का 56 वर्ष की आयु में हार्ट अटैक से निधन

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 06, 2026

रांची, छह सितंबर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता और राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार का निधन हो गया। पार्टी ने शनिवार को यह जानकारी दी। वह 56 वर्ष के थे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो और कई अन्य नेताओं ने कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया है। सोरेन ने कहा, ‘‘ मुझे अपने बड़े भाई और हमारे प्रिय सुदिव्य कुमार जी के निधन की हृदयविदारक खबर मिली। इस खबर को स्वीकार कर पाना मेरे लिए बेहद मुश्किल है।

सोनू भैया के चले जाने से मेरी जिंदगी में ऐसी कमी पैदा हो गई है, जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।’’ सोरेन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि कुमार उनके लिए सिर्फ एक वरिष्ठ सहयोगी या राजनीतिक साथी नहीं थे, बल्कि ‘‘एक बड़े भाई की तरह थे - स्नेही, मार्गदर्शन देने वाले और हर मुश्किल समय में मजबूती से मेरे साथ खड़े रहने वाले। उनके साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा मेरे साथ रहेंगी।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड आंदोलन के दिनों से ही कुमार ने बाबा दिशोम गुरुजी (झामुमो के संस्थापक शिबू सोरेन) के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से कदम से कदम मिलाकर काम किया। उन्होंने कहा कि झामुमो के एक समर्पित सिपाही के रूप में कुमार ने अपना पूरा जीवन झारखंड की पहचान, अधिकार और गौरव की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया।

सोरेन ने कहा कि ‘झारखंडियत’ के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और उनका अडिग जज्बा हमेशा याद किया जाएगा। सोरेन ने कहा, ‘‘आज जब मैं उन्हें याद कर रहा हूं, तो मेरा मन बार-बार सोच रहा है कि जिंदगी कितनी नश्वर है। जो आवाज कल तक हमारे बीच थी, वह अब सिर्फ यादों में रह गई है।

सोनू भैया, आपका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। मैं आपके स्नेह, आपके संघर्ष और झारखंड के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को जीवनभर याद रखूंगा।’’ झामुमो ने कुमार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए ‘‘अपूरणीय क्षति’’ बताया।

पार्टी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार झामुमो के समर्पित साथी और झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन से स्तब्ध और बेहद दुखी है।’’ पार्टी ने कुमार के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कुमार पहली बार 2019 में गिरिडीह से झारखंड विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। मुख्यमंत्री सोरेन के करीबी सहयोगी माने जाने वाले कुमार ने झामुमो के भीतर कई संकटों के हल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

इनमें 2024 में कथित भूमि धोखाधड़ी और धन शोधन मामले में सोरेन की गिरफ्तारी के दौरान पार्टी के सामने आया संकट भी शामिल है। कुमार इसी सप्ताह कर्नाटक से लौटे थे, जहां उन्होंने झारखंड में पर्यटन बुनियादी ढांचे के प्रबंधन को बेहतर बनाने के तरीके तलाशने संबंधी राज्य सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। उन्होंने कर्नाटक के पर्यटन मंत्री के. जे. जॉर्ज से मुलाकात की और दोनों राज्यों के बीच पर्यटन तथा वन प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

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