By अभिनय आकाश | Jan 26, 2026
चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग ने फिर से एक बार सैन्य पर्ज की शुरुआत कर दी है। इस पर्ज के निशाने पर इस बार कोई और नहीं बल्कि शी के सबसे करीबी लोग हैं। यानी कि इस सैन्य पर्च का मकसद साफ है कि सी ये बताना चाहते हैं कि कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। सैन्य में पूरी निष्ठा और नियंत्रण सुनिश्चित करने का यह प्रयास शी जिंनपिंग करके दिखा रहे हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को हटाने का भी यह पर्ज एक माध्यम हो सकता है। जैसा कि पहले कई मामलों में देखा गया। योशिया और ल्यू जेनली के खिलाफ अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के संदेह में जांच शुरू कर दी है। यह जानकारी चीन के रक्षा मंत्रालय ने जारी की है। यह घटना शी जिंगपिंग के नेतृत्व में चल रही सैन्य भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के सबसे बड़े और चौंकाने वाले नतीजों में से एक मानी जा रही है। लेकिन इसे आम बोलचाल की भाषा में शी जिनपिंग जिंगपिंग का सैन्य पर्ज कहा जा रहा है।
2024 में दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को पार्टी से निकाला गया। अक्टूबर 2025 में सीएमसी के नंबर दो जनरल हेव विडोंग सहित आठ टॉप जनरलों को भ्रष्टाचार के आरोप में पार्टी से बाहर किया गया। हेव विडोंग खुद शी के करीबी थे। यांग के साथ सीएमसी यानी कि सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में काम कर चुके थे। यांग योशिया की जांच इसलिए भी असाधारण है क्योंकि वह शी के सबसे पुराने और भरोसेमंद सहयोगी थे। कई विश्लेषक मानते हैं कि शी ऐसा करके यह बताना चाहते हैं कि उनके आगे कोई मायने नहीं रखता।