By अभिनय आकाश | Apr 19, 2023
जब से रूस और यूक्रेन के बीच जंग चल रहा है तभी से भारत और रूस की दोस्ती पर भी चर्चा हो रही है। भारत ने जंग का समर्थन तो नहीं किया लेकिन दबाव के बावजूद रूस का साथ भी नहीं छोड़ा। रूस ने भी दोस्ती का फर्ज निभाया और भारत को सस्ता तेल दिया। रूस से इस तेल सप्लाई को रोकने के लिए पश्चिमी देशों ने भारत को ज्ञान, नसीहत, धमकी सब दी। लेकिन आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि रूस से भारत को जो सस्ता तेल मिला उसका क्या हुआ? भारत ने सबसे पहले रूस से मिले सस्ते कच्चे तेल को रिफाइन किया। उससे डीजल और जेट फ्यूल बनाया। फिर उसके बाद ये डीजल और जेट फ्यूल यूरोप को ही बेच दिया। कुल मिलाकर कहें तो भारत रूस का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया है।
रूबल दुनिया में मौजूदा समय में प्रतिबंधित है। जिसकी वजह से चीन ने रूस को युआन में ट्रेडिंग करने की इजाजत दी है। खुद पुतिन ने मार्च के महीने में एक कार्यक्रम के दौरान युआन में ट्रेडिंग को मंजूरी देते हुए इसे ग्लोबल करेंसी की मान्यता दी है। अब रूस अफ्रीकी, साउथ अमेरिकी मिडिल ईस्ट देशों के साथ युआन में ट्रेडिंग कर सकेगा। युआन में ट्रेडिंग की वजह से दुनिया में चीनी करेंसी की डिमांड में इजाफा होगा और डॉलर के मुकाबले उसकी वैल्यू में इजाफा होगा।