By अंकित सिंह | Jul 20, 2022
उत्तर प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग के पांच अधिकारियों को अनियमितताओं को लेकर निलंबित कर दिया है। यह निलंबन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर हुआ है। पिछले दिनों पीडब्ल्यूडी विभाग में तबादलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था जिसके बाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद एक्शन में आए। बताया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ के एक्शन से विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद नाराज हैं। दावा यह भी किया जा रहा है कि जितिन प्रसाद दिल्ली पहुंच चुके हैं और आज गृह मंत्री अमित शाह से उनकी मुलाकात होनी है। आज जितिन प्रसाद से उनकी नाराजगी को लेकर सवाल भी पूछा गया। उन्होंने साफ तौर पर इससे इनकार कर दिया। जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस की नीति है। अगर विभाग में कोई अनियमितताएं हैं तो सरकार ठोस कदम उठाएगी। एक निष्पक्ष जांच होगी और जहां गड़बड़ी है, वहां कार्रवाई होगी और बदलाव भी होगा... नाराजगी की कोई बात नही है।
योगी का एक्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर विभाग के प्रधान अभियंता मनोज कुमार गुप्ता सहित पांच अधिकारियों को अनियमितता पर निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई तब की गई जब स्थानांतरण नीति का पालन न करने और अनियमितताओं को लेकर विवाद हुआ था, जिसके कारण 18 जुलाई को विभागीय मंत्री जितिन प्रसाद के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) अनिल कुमार पांडे को भी हटा दिया गया था। बयान में कहा गया है कि प्रधान अभियंता (विकास) और विभागीय प्रमुख मनोज कुमार गुप्ता, प्रधान अभियंता (परियोजना एवं नियोजन) राकेश कुमार सक्सेना और सीनियर स्टाफ अधिकारी शैलेंद्र कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बयान के मुताबिक, प्रशासनिक अधिकारी पंकज दीक्षित और प्रमुख सहायक संजय कुमार चौरसिया को भी निलंबित किया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी गई है।