By अनन्या मिश्रा | Apr 08, 2026
पुडुचेरी के 2026 के विधानसभा चुनाव में इस बार बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। छोटे फ्रांस के नाम से फेमस इस केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में जनता का एक ही दर्द है। यहां की गलियों में यही चर्चा है कि सरकार उनकी चुनी हुई है, लेकिन एक छोटी सी फाइल को भी आगे सरकाने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी का इतंजार करना पड़ता है। जिसको लोग यहां के विकास में सबसे बड़ी बाधा मान रहे हैं।
विपक्षी दल ने पुडुचेरी में सत्ता दल के कार्यकाल में बढ़ती बेरोजगारी की आलोचना की है और इसको एक प्रमुख मुद्दा बनाया है। वहीं सत्ता दल का कहना है कि प्रदेश में बेरोजगारी दर 47% से घटकर 4.3% पर आ गई है। वहीं अब वोटर सिर्फ सरकारी नौकरियों के वादे से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। युवा अब नई अर्थव्यवस्था, डेटा सेंटर, उच्च स्तरीय मेडिकल टूरिज्म और सेमीकंडक्टर उद्योग जैसे क्षेत्रों में निवेश और आधुनिक नौकरियों की मांग कर रहे हैं।