By Ankit Jaiswal | Jan 27, 2026
श्रीलंका के खिलाफ तीसरे वनडे में इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी अचानक पूरे रंग में नजर आई और कोलंबो की केताराम स्टेडियम की पारंपरिक मुश्किल पिच पर मेहमान टीम ने इतिहास के सबसे भारी स्कोरों में से एक खड़ा कर दिया हैं। जो रूट और हैरी ब्रूक की जोड़ी ने ऐसी पारी खेली, जिसने मुकाबले की दिशा पहले ही तय कर दी।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड की पारी की रीढ़ बने जो रूट, जिन्होंने 108 गेंदों पर नाबाद 111 रन बनाए है। उनकी पारी खास इसलिए रही क्योंकि उन्होंने हालात को समझते हुए रन गति को संभाले रखा और बड़े शॉट्स की जगह सिंगल-दो रन पर ज़ोर दिया। रूट के 111 रनों में 61 रन सिर्फ दौड़कर आए, जो उनकी क्लास और मैच सेंस को दर्शाता है।
रूट को सबसे मजबूत साथ मिला हैरी ब्रूक का, जिन्होंने सिर्फ 66 गेंदों में नाबाद 136 रन ठोक दिए। ब्रूक की यह पारी पूरी तरह आक्रामक रही, जिसमें 11 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। अंतिम ओवरों में उनका प्रहार इतना जबरदस्त था कि आखिरी पांच ओवरों में श्रीलंका को 88 रन देने पड़े। रूट और ब्रूक के बीच 191 रनों की साझेदारी सिर्फ 113 गेंदों में पूरी हुई है।
इससे पहले जैकब बेथेल ने भी अहम योगदान देते हुए 65 रन बनाए और रूट के साथ 126 रनों की साझेदारी कर पारी को संभाला हैं। हालांकि शुरुआत में इंग्लैंड की हालत कुछ खास नहीं थी और टीम ने 11 ओवर में ही दो विकेट गंवा दिए थे, लेकिन उसके बाद बल्लेबाज़ों ने संयम और आक्रामकता का सही संतुलन दिखाया।
श्रीलंका ने इस मुकाबले में स्पिन पर भरोसा जताया था, लेकिन विकेट निकालने में नाकाम रहे हैं। अनुभवी गेंदबाज़ असिथा फर्नांडो, वानिंदु हसरंगा और जेफ्री वांडरसाए महंगे साबित हुए हैं। खासतौर पर डेथ ओवर्स में गेंदबाज़ों पर दबाव साफ दिखा।
गौरतलब है कि अगर इंग्लैंड इस स्कोर का बचाव करने में सफल रहता है, तो मार्च 2023 के बाद यह उनकी पहली विदेशी वनडे सीरीज़ जीत होगी। वहीं श्रीलंका अगर लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाता है, तो 2021 के बाद पहली बार उसे घरेलू वनडे सीरीज़ गंवानी पड़ेगी हैं। मैच अब पूरी तरह श्रीलंका की बल्लेबाज़ी पर निर्भर करता है।