By Ankit Jaiswal | Jan 27, 2026
टी20 वर्ल्ड कप को लेकर बने हालात का असर अब मैदान से बाहर भी साफ दिखाई दे रहा हैं। बांग्लादेश के टूर्नामेंट से हटने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने भारतीय मेजबानी वाले इस विश्व कप के लिए बांग्लादेशी पत्रकारों की मीडिया एक्रिडिटेशन प्रक्रिया पर दोबारा विचार शुरू कर दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, आईसीसी ने आवेदन प्रक्रिया में बदलाव की पहल की हैं, जबकि कई बांग्लादेशी पत्रकारों का दावा हैं कि उनके आवेदन पहले ही खारिज कर दिए गए हैं।
बता दें कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत में सुरक्षा को लेकर आशंका जताते हुए टीम को टूर्नामेंट में न भेजने का फैसला लिया था। इसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया हैं और टूर्नामेंट की शुरुआत 7 फरवरी से होनी तय हैं। इसी फैसले के बाद मीडिया एक्रिडिटेशन से जुड़े मामलों में भी असमंजस की स्थिति बनी है।
आईसीसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पत्रकारों की संख्या और मैचों के कार्यक्रम में बदलाव के चलते पूरी प्रक्रिया को फिर से व्यवस्थित किया जा रहा हैं। बताया गया हैं कि बांग्लादेश से करीब 80 से 90 पत्रकारों ने एक्रिडिटेशन के लिए आवेदन किया था, जबकि किसी भी देश के लिए निर्धारित कोटा 40 से अधिक नहीं हो सकता है। गौरतलब है कि आईसीसी आमतौर पर मेजबान बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर मीडिया आवेदनों पर अंतिम फैसला लेता है।
ढाका में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के मीडिया मैनेजर अमजद हुसैन ने कहा हैं कि इस पूरे मामले को आईसीसी के सामने उठाया गया हैं। उनके मुताबिक, फैसला हाल ही में लिया गया और बोर्ड ने इसके पीछे के कारणों को जानने के लिए स्पष्टीकरण मांगा हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया हैं कि यह एक आंतरिक और गोपनीय मामला हैं।
इस बीच, यह भी समझा जा रहा हैं कि अब बांग्लादेशी पत्रकारों को नए सिरे से एक्रिडिटेशन के लिए आवेदन करना पड़ सकता हैं और हर आवेदन पर अलग-अलग स्तर पर विचार होगा हैं। एक वरिष्ठ बांग्लादेशी पत्रकार ने बताया हैं कि उन्होंने 8 से 9 आईसीसी वर्ल्ड कप कवर किए हैं, लेकिन यह पहली बार हैं जब उनका आवेदन खारिज हुआ हैं और फिलहाल वे बीसीबी की ओर से स्पष्ट निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि आईसीसी के आकलन में भारतीय हालात को लेकर कोई ठोस सुरक्षा खतरा नहीं पाया गया था, इसके बावजूद बांग्लादेश बोर्ड ने टीम को भारत न भेजने का निर्णय लिया हैं। अब इसका असर मीडिया कवरेज पर भी पड़ता दिख रहा हैं, जिससे आने वाले दिनों में और स्पष्टता सामने आने की उम्मीद हैं।