By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 26, 2024
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ग्रेट निकोबार परियोजना को मंजूरी संभावित पारिस्थितिक प्रभावों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद दी गई है और इससे जनजातीय आबादी पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह एकीकृत विकास निगम (एएनआईआईडीसीओ) की इस परियोजना में एक ‘ट्रांसशिपमेंट’ बंदरगाह, एक हवाई अड्डा, एक बिजली संयंत्र और 160 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में एक ‘ग्रीनफील्ड’ टाउनशिप का निर्माण शामिल है।
मंत्री ने कहा कि यह परियोजना राष्ट्रीय, रक्षा और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है और यह दावा करना गलत होगा कि इससे ग्रेट निकोबार द्वीप के आदिवासी समुदायों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।