By अनुराग गुप्ता | Aug 17, 2022
पटना। बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार के एक दिन बाद ही राजद कोटे के मंत्री को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जिसको लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने पुराने साथी नीतीश सरकार पर हमलावर है। दरअसल, राजद कोटे से मंत्री बने कार्तिकेय सिंह के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज है और उन्हें 16 अगस्त को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के लिए वारंट जारी हुआ था।
उन्होंने कहा कि अनंत सिंह एक दुर्दांत अपराधी है और मुख्यमंत्री को ये सब नहीं पता है। ये विश्वास करने वाली बात है? कार्तिकेय सिंह को बर्खास्त किया जाना चाहिए। आपको बता दें कि बिहार में 16 अगस्त को दो सदस्यीय मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ, इसमें 31 विधायकों को मंत्रिपद की शपथ दिलाई गई। इस दौरान राजद के 16, जदयू के 11, कांग्रेस के 2 तथा एक निर्दलीय सहित कुल 31 विधायकों ने पद एवं गोपनियता की शपथ ली।
अंतरिम सुरक्षा की गई प्रदान
प्रदान इसी बीच दानापुर अदालत के आदेश की एक कॉपी सामने आई है। जिसके मुताबिक, कार्तिकेय सिंह को अदालत ने 12 अगस्त को एक आदेश में 1 सितंबर तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी। दरअसल, शपथ लेने वाले राजद नेताओं में कार्तिकेय सिंह भी शामिल थे और फिर उन्हें कानून मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।