By अभिनय आकाश | Aug 01, 2025
ट्रंप का एक फैसला अमेरिका को कितना बर्बाद कर सकता है। शायद इस बात का अंदाजा डोनाल्ड ट्रंप को भी नहीं है। अगर होता तो खुद को व्यापारिक राष्ट्रपति दिखाने वाले डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान से व्यापार बढ़ाने की उम्मीद नहीं करते। लेकिन अब ट्रंप ऐलान कर चुके हैं। पाकिस्तान और अमेरिका के बीच तेल डील का ऐलान हो चुका है और इससे सबसे ज्यादा बलूचिस्तान के लोग भड़के हैं। इस कथित डील का मकसद पाकिस्तान के अंदर मौजूद आपार प्राकृतृक संसाधनों खासकर तेल, गैस और दुर्लभ खनिज का दोहन करना है। वो सारा कुछ बलूचिस्तान में है। अमेरिका को इसकी आपूर्ति की जाएगी। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में एक बेहद गंभीर सवाल उठता है कि क्या ये संसाधन वास्तव में पाकिस्तान के अंदर मौजूद है या ये उस बलूचिस्तान के हैं जो दशकों से अपनी आजादी की लड़ाई के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। नतीजन बलूचों ने कह दिया है कि बलूचिस्तान की भूमि बिकाऊ नहीं है।
बलूच नेता ने कहा कि हम अमेरिका, पाकिस्तान और चीन जैसे किसी भी देश को बलूचिस्तान में घुसने नहीं देंगे। जिस तरह से चीन और पाकिस्तान पिट रहे हैं उसी तरह से अमेरिका भी पिटेगा। पाकिस्तान और अमेरिका के बीचएक नया व्यापार समझौता हुआ है, जिसे पाकिस्तान ने ऐतिहासिक करार दिया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का आभार जताते हुए कहा कि यह ढील दोनों देशों की साझेदारी को नए मुकाम तक ले जाएगी। वहीं, ट्रंप ने इसे पाकिस्तान के विशाल तेल भंडार को मिलकर विकसित करने की दिशा में एक बड़ी शुरुआत बताया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म 'टूथ सोशल' पर बताया कि यह समझौता पाकिस्तान और अमेरिका को एक साथ मिलकर तेल भंडार विकसित करने की अनुमति देगा। पाकिस्तान और अमेरिका अपने विशाल तेल भंडार को मिलकर विकसित करेंगे। हम उस तेल कंपनी को चुनने की प्रक्रिया में है जो इस साझेदारी का नेतृत्व करेगी। कौन जाने, शायद एक दिन वे भारत को तेल बेचें। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये भंडार कहां स्थित है? विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान लंबे समय से अपने समुद्री तटों पर तेल और गैस संसाधनों की बात करता रहा है, लेकिन व्यावहारिक दोहन में अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली।