न्यायमूर्ति मुरलीधर का तबादला भाजपा के कई नेताओं को बचाने का षड्यंत्र: कांग्रेस

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 27, 2020

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने दिल्ली हिंसा मामले में सुनवाई करने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस मुरलीधर के तबादले को लेकर बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कई भाजपा नेताओं को बचाने और हिंसा की साजिश का पर्दाफाश नहीं होने देने के मकसद से सरकार ने तबादला कराया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह दावा भी किया कि यह कपिल मिश्रा और कुछ अन्य भाजपा नेताओं को बचाने का षड्यंत्र है, लेकिन मोदी-शाह सरकार सफल नहीं होगी। 

 

सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा कि 26 फरवरी को न्यायमूर्ति मुरलीधर एवं न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की दो न्यायाधीशों की पीठ ने दंगा भड़काने में कुछ भाजपा नेताओं की भूमिका को पहचानकर उनके खिलाफ सख्त आदेश पारित किए एवं पुलिस को कानून के अंतर्गत तत्काल कार्यवाही करने का आदेश दिया। इसके कुछ घन्टे बाद ही एक न्यायधीश का तबादला कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया, मोदी सरकार ने न्यायपालिका की निष्पक्षता पर हमला बोला है। न्यायपालिका के खिलाफ बदले की कार्रवाई कर रही है। 

इसे भी पढ़ें: दिल्ली हिंसा मामले की सुनवाई कर रहे जज का ट्रांसफर, राहुल-प्रियंका ने उठाए सवाल

सुरजेवाला ने सवाल किया कि क्या भाजपा नेताओं को बचाने के लिए तबादले का यह कदम उठाया गया? क्या भाजपा सरकार को डर था कि भाजपा नेताओं के षड्यंत्र का पर्दाफाश हो जाएगा? कितने और न्यायाधीशों का तबादला करेंगे? उन्होंने दावा किया,  न्यायपालिका पर दबाव डालने का काम भाजपा सरकार ने कोई पहली बार नहीं किया है। पहले भी कई बार कर चुकी है। न्यायमूर्ति केएम जोसेफ, न्यायमूर्ति अकील कुरैशी और न्यायमूर्ति गीता मित्तल के मामलों में ऐसा किया गया। दरअसल, मुरलीधर का पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में तबादला किया गया है। उन्होंने दिल्ली हिंसा के मामले पर सुनवाई की थी।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Arsenal की जीत के बाद बोले Mikel Arteta चोटों की वजह से Quadruple का सपना टूट सकता है

Milano Cortina में आइस डांस पर बवाल, जजिंग विवाद के बाद US Figure Skating ने नहीं की अपील।

Ola Electric Q3 Results: घाटा कम, पर Revenue में भारी गिरावट, Gigafactory पर टिका भविष्य

अब AI बनेगा भारत की नई शक्ति! Bharat Mandapam से PM Modi ने किया Tech Revolution का शंखनाद