NALSAR Controversy: जस्टिस Nagarathna ने Bar Councils को दी नसीहत, कहा- अपनी भूमिका पर करें Self-Reflection

By अभिनय आकाश | Aug 29, 2026

सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि बार काउंसिलों को अपनी भूमिका पर आत्म-मंथन करना चाहिए और अपने सदस्यों का सम्मान हासिल करने की दिशा में काम करना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से जुड़े हालिया विवाद के बाद आई है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली के 13वें दीक्षांत समारोह में भाषण देते हुए जस्टिस नागरत्ना ने कहा, "चाहे सेंट्रल बार काउंसिल हो या स्टेट बार काउंसिल, उन्हें प्रोफेशनल नैतिकता, सदाचार और प्रोफेशनल काबिलियत बनाए रखने में अपनी भूमिका और महत्व पर आत्म-मंथन करना चाहिए।"

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इसके बाद, CJI कांत की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए इस विवाद में BCI के दखल पर सवाल उठाए और शांतिपूर्ण तरीके से असहमति जताने के छात्रों के अधिकार पर ज़ोर दिया। इस घटना के कारण कानूनी बिरादरी के कुछ वर्गों ने BCI की आलोचना भी की और मिश्रा के इस्तीफ़े की मांग की। NALSAR की घटना का ज़िक्र किए बिना, जस्टिस नागरत्ना ने कानूनी पेशे की ज़िम्मेदारियों के व्यापक संदर्भ में बार काउंसिल की विश्वसनीयता का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बार को मुक़दमेबाज़ों के लिए अपनी उपयोगिता, लोकतंत्र की रक्षा करने और अदालतों की गरिमा व कानून के शासन को बनाए रखने में अपनी भूमिका पर "फिर से सोचने" की ज़रूरत है।

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