By अभिनय आकाश | Oct 23, 2026
मद्रास हाई कोर्ट ने फरवरी 2024 में थेनी में विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों के एक समूह के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। इन लोगों ने मांग की थी कि तमिल को हाई कोर्ट की आधिकारिक भाषा बनाया जाए। जस्टिस आर. विजयकुमार ने एस. विनोद राजा की याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। विनोद राजा ने थेनी ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपने और अन्य लोगों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 11 फरवरी 2024 को याचिकाकर्ता और अन्य लोग थेनी जिले में गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा हुए थे और उन्होंने एक फ्लेक्स बैनर लगाया था, जिसमें हाई कोर्ट की आधिकारिक भाषा के रूप में तमिल को शामिल करने की मांग की गई थी। उन पर पुलिसकर्मियों को धमकाने, उनके काम में बाधा डालने और विरोध प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर वाहनों में आग लगाने की धमकी देने का भी आरोप था। इस शिकायत के आधार पर, थेनी पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।