By अभिनय आकाश | Mar 24, 2025
इलाहाबाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने मांग की है कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा द्वारा इलाहाबाद और दिल्ली उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश के रूप में दिए गए सभी निर्णयों पर गौर किया जाए और उनके खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। यह उसी दिन हुआ है जब दिल्ली उच्च न्यायालय ने घोषणा की थी कि वर्मा से न्यायिक कार्य तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी ने सोमवार को कहा यह कहना उचित है कि इस घटना के बाद न्यायपालिका, विशेष रूप से उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय, नैतिक उच्च आधार का दावा नहीं कर पाएंगे।
प्रस्ताव में आगे कहा गया वरिष्ठ वकीलों ने इस बात पर भी चर्चा की कि विचाराधीन आचरण न्यायमूर्ति वर्मा के किसी न्यायिक कार्य से संबंधित नहीं है, इसलिए उन्हें कोई संरक्षण या सुविधा नहीं दी जानी चाहिए। यह संरक्षण न्यायिक कर्तव्य के उचित निर्वहन के लिए दिया गया है।