K R Narayanan Birth Anniversary: देश के पहले दलित राष्ट्रपति थे के आर नारायणन, ऐसे तय किया सफर

By अनन्या मिश्रा | Oct 27, 2026

आज ही के दिन यानी की 27 अक्टूबर को देश के पहले दलित राष्ट्रपति के. आर. नारायणन का जन्म हुआ था। उन्होंने मेहनत और लगन के दम पर देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर पहुंचने का गौरव भी हासिल किया था। वहीं साल 1997 से लेकर 2002 तक देश के राष्ट्रपति रहे थे। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर देश के पहले दलित राष्ट्रपति के. आर. नारायणन के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

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आयुर्वेदाचार्य भी रहे नारायणन

के आर नारायणन से पहले किसी दलित छात्र ने इस यूनिवर्सिटी से फर्स्ट पोजिशन नहीं पाई थी। इस प्रतिभा के कारण उनको लंदन स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स में अर्थशास्त्र की पढ़ाई करने के लिए स्कॉलरशिप मिली थी। वह भारतीय पद्धति के आयुर्वेदाचार्य भी रहे।

भारतीय विदेश सेवा में कर‍ियर

साल 1949 में नारायणन ने भारतीय विदेश सेवा में अपना करियर शुरू किया था। इस दौरान उन्होंने टोक्यो, रंगून, लंदन, कैनबरा और हनोई समेत कई प्रमुख दूतावासों में कार्यभार संभाला था। नारायणन की कूटनीतिक विशेषज्ञता का फायदा तुर्की, चीन और थाईलैंड में भारत के राजदूत के रूप में मिला था। इसके बाद उनकी राजनीति में एंट्री हुई।

राष्ट्रपति पद

साल 1984 में नारायणन लोकसभा चुनाव में निर्वाचित हुए और इस तरह से उनका सियासी सफर शुरू हुआ। के. आर. नारायणन ने पूर्व प्रधानंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के मंत्रिमंडलों के तहत विभिन्न मंत्री पदों पर काम किया। वहीं 21 अगस्त 1992 को डॉ. शंकर दयाल शर्मा के राष्ट्रपति काल में उपराष्ट्रपति भी निर्वाचित हुए थे। इसके बाद वह 25 जुलाई 1997 से लेकर 25 जुलाई 2002 तक राष्ट्रपति पद पर रहे।

मृत्यु

के.आर. नारायणन का 09 नवंबर, 2005 को निधन हो गया था।

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