कचौड़ी, कबाब, नल्ली निहारी... BRICS का 'गाला' डिनर क्यों है खास? ये रही पूरी लिस्ट

By अभिनय आकाश | Sep 12, 2026

राजधानी दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का शंखनाद हो चुका है। भारत मंडप में 12 और 13 सितंबर को दुनिया के दिग्गज नेता कूटनीतिक चर्चाओं के लिए एक मंच पर मौजूद हैं। लेकिन इस बार ब्रिक्स सम्मेलन में सिर्फ बैठकों और समझौतों की बात नहीं हो रही बल्कि भारत की डिनर डिप्लोमेसी पूरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। डिनर डिप्लोमेसी जिसमें बिना किसी औपचारिक बैठकों और सख्त प्रोटोकॉल के रात के खाने की मेज पर सारे लीडर्स अनौपचारिक बातचीत करते हैं। एक साथ बैठते हैं और आपसी विश्वास बढ़ाने, तनाव कम करने और कई सारे मुद्दों पर खुलकर अपने विचार साझा करते हैं। इस तरह से नेताओं के बीच माहौल को सहज बनाने में मदद मिलती है। रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत तमाम देशों के राष्ट्रध्यक्ष और शाही मेहमानों और विदेशी प्रतिनिधियों के लिए पीएम मोदी की तरफ से डिनर का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भारत की सांस्कृतिक और खान-पान की विविधता को दर्शाने के लिए उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से लेकर पश्चिम तक के मशहूर व्यंजनों को शामिल किया गया है। 

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तो ज्यादातर यह जो बर्तन हैं आप देख सकते हैं कि सिल्वर कोटेड हैं और खास अलग-अलग डिजाइन में अलग-अलग अंदाज में इन्हें तैयार किया गया है। मेहमानों की थाली में महाराष्ट्र की भाकरवड़ी, राजस्थान की मिनी कचौड़ी, बंगाल की कुचो निमकी, तमिलनाडु का मुरक्कू और कश्मीरी मसालेदार अखरोट जैसे पारंपरिक स्नैक्स शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही बिहार के सत्तू को खास जगह दी गई है। नाश्ते में रागी डोसा, बाजरा, उपमा और मिलेट पोंगल शामिल है। वहीं मेन कोर्ट्स में लखनवी गलौटी कबाब, खमीरी रोटी के साथ नल्ली निहारी, चिकन कोरमा, कश्मीरी पुलाव और हैदराबादी बिरयानी मेहमानों के जायके को यादगार बनाने के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने को बेताब हैं। इतना ही नहीं भारतीय शेख्स ने ट्रेडिशन टू टेबल कांसेप्ट के तहत पारंपरिक रेसिपीज से भी व्यंजनों को सजाया है। 

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