By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 26, 2026
उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर निगम में कथित जबरन वसूली और ठेकों में हेराफेरी करने वाले रैकेट के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई के तहत छह मुकदमे दर्ज किए गए हैं और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि रैकेट का कथित सरगना गोविंद शर्मा अब भी फरार है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि नगर निगम की शिकायतों के आधार पर स्वरूप नगर थाने में पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि छठा मुकदमा ठेकेदार सनी सिंह भदौरिया की शिकायत पर फजलगंज थाने में दर्ज किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, वह कथित तौर पर ठेकेदारों से 85 प्रतिशत रकम पहले ही मांगता था और ठेकों के आवंटन में हेराफेरी के लिए लॉटरी आधारित ड्रॉ का इस्तेमाल करता था। लाल ने कहा, ‘‘मामला सामने आने के बाद करीब 100 करोड़ रुपये की निविदाएं रद्द कर दी गई हैं और इनके लिए दोबारा निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।’’ उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के आदेश पर की गई जांच के बाद शुरू की गई। एक अधिकारी ने बताया कि एक टीम ने निविदा फाइलों, आधिकारिक रिकॉर्ड और उन ठेकेदारों के काम की जांच की, जिन पर नगर निगम में दबाव बनाने का आरोप था।
लाल ने पुष्टि की कि कुछ समय से चल रही इस जांच में उस समय तेजी आई, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान नगर निगम में कथित अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई। लाल ने बताया कि मंगलवार को अपर पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) अर्चना सिंह की अगुवाई में आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया गया है। यह दल उन लोगों की पहचान करेगा, जिन्होंने कथित तौर पर ठेकेदारों को धमकाने या निविदा प्रक्रिया को प्रभावित करने में आरोपियों की मदद की होगी।