कानपुर के पुलिस आयुक्‍त असीम अरुण ने वीआरएस के लिए अर्जी दी, राजनीति में आने की संभावना

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 09, 2022

कानपुर/ लखनऊ (उप्र)। चुनाव आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा के कुछ ही देर बाद भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1994 बैच के अधिकारी असीम कुमार अरुण ने शनिवार को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन दिया। वह इस समय कानपुर के पुलिस आयुक्त हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) स्‍तर के अधिकारी असीम कुमार अरुण ने विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद ही वीआरएस मांगने की सूचना को सोशल मीडिया पर साझा किया। असीम अरुण ने कहा, मैंने वीआरएस के लिए आवेदन दिया है क्योंकि अब राष्ट्र और समाज की सेवा एक नये रूप में करना चाहता हूं। मैं बहुत गौरवान्वित अनुभव कर रहा हूं कि मुझे योगी आदित्यनाथ जी ने भाजपा की सदस्यता के योग्य समझा।

इसे भी पढ़ें: आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजों और वृहद आर्थिक आंकड़ो से, इस हफ्ते तय होगी शेयर बाजार की दिशा

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, मैं प्रयास करूंगा कि पुलिस बलों के संगठन के अनुभव और सिस्टम को विकसित करने के कौशल से पार्टी को अपनी सेवाएं दूं और पार्टी में विविध अनुभव के व्यक्तियों को शामिल करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल को सार्थक बनाऊं। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि अरुण राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं और विधानसभा चुनाव में अपने गृह जिले कन्नौज के विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं। कन्नौज संसदीय क्षेत्र का समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सुव्रत पाठक ने इस संसदीय सीट से डिंपल यादव को पराजित कर दिया था। असीम अरुण के इस फैसले के बाद कई राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। असीम अरूण के पास अभी सेवानिवृत्ति के लिए लगभग नौ साल का वक्त बचा है। उन्होंने कथित तौर पर वीआरएस के लिए अपनी अर्जी मुख्‍य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकुल गोयल को सौंपी है। दूरभाष पर पीटीआई- से बातचीत में डीजीपी मुकुल गोयल ने पुष्टि की कि एडीजीपी असीम कुमार अरुण ने वीआरएस के लिए आवेदन दिया है।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान में बर्फबारी देखने गये 22 पर्यटकों की मौत, अचानक आये हिमपात ने सब कुछ किया तहस नहस

गोयल ने कहा, मुझे शनिवार को लिखित वीआरएस आवेदन मिला है और आगे की कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को भेजा गया है। हालांकि, उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की घोषणा के कुछ घंटों बाद वीआरएस मांगने के पीछे कोई और टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एक अन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अपने आवेदन में उन्होंने तत्काल कार्यमुक्त होने का अनुरोध किया था। अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उनके लिखित अनुरोध को मंजूरी मिलने के बाद उन्हें जल्द ही सेवाओं से मुक्त कर दिया जाएगा। इस संदर्भ में प्रयास के बावजूद असीम अरुण से बातचीत नहीं हो सकी। असीम के पिता श्रीराम अरुण उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रह चुके हैं जिनका कुछ समय पहले निधन हो चुका है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में अधिकारियों के वीआरएस लेकर राजनीति में आने के पहले के भी कई उदाहरण हैं।

गुजरात कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1988 बैच के अधिकारी अरविंद कुमार शर्मा भी पिछले वर्ष वीआरएस लेकर राजनीति में सक्रिय हो गये। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी के साथ करीब दो दशक तक सेवारत रहे शर्मा पिछले वर्ष भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और उन्हें भाजपा ने पहले विधान परिषद का सदस्य और फ‍िर संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया। उनके पहले सेवानिवृत्त आईपीएस बृजलाल को भाजपा ने महत्व दिया और पहले अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग का चेयरमैन बनाया तथा बाद में राज्यसभा में भी भेजा। राज्‍य में अधिकारियों के राजनीति में आने के कई और उदाहरण हैं।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Hat-trick के बाद Lamine Yamal का बड़ा दावा, Camp Nou में Barcelona के लिए रचेंगे इतिहास

Saudi Pro League में हाई-वोल्टेज ड्रामा, Ronaldo ने पेनल्टी गंवाई, Al Nassr ने 3-1 से जीता मैच

फुटबॉल में Racism पर FIFA का बड़ा एक्शन, मुंह ढककर स्लेजिंग करने वाले खिलाड़ीयों पर लगेगा बैन

Indian Economy की नई छलांग! GDP Growth 7.8%, अब नए Base Year से होगी गिनती