By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 09, 2026
पणजी, आठ अगस्त तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल की बेटी कारा तेजपाल शनिवार को उनके बचाव में सामने आईं। कारा ने मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने को उनकी खोजी पत्रकारिता से जोड़ा और कहा कि उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि उन्हें बलात्कार का समर्थन करने वाली या बलात्कारी की बेटी कहा जाए। कारा ने कहा कि उन्होंने 13 साल तक इस मामले में पेश किए गए साक्ष्यों का अध्ययन किया है और वह इस निष्कर्ष पर पहुंची हैं कि उनके पिता निर्दोष हैं।
यह फैसला गोवा सरकार की ओर से उनके बरी होने के खिलाफ दायर अपील पर आया। कारा ने कहा कि जब उनके पिता को गिरफ्तार किया गया था, तब वह सच बोलने से डरी हुई थीं और मामले से जुड़ी मीडिया कवरेज का उन पर गहरा असर पड़ा था। उन्होंने कहा कि अब वह अपने पिता का समर्थन करने के कारण होने वाली आलोचना के बावजूद चुप नहीं रहेंगी।
उन्होंने कहा, मैं अब वह 23 साल की लड़की नहीं हूं। मैं 36 साल की हूं और मुझे इस बात की बिल्कुल परवाह नहीं है कि मुझे ‘बलात्कार का समर्थन करने वाली’, ‘बलात्कारी की बेटी’ या किसी अन्य अपमानजनक शब्द से बुलाया जाए। कारा ने इस मामले को तहलका की खोजी पत्रकारिता, भ्रष्टाचार पर पत्रिका की रिपोर्ट से जुड़े विवादों और सत्ता में बैठे लोगों के कथित गलत कामों से जोड़ने की भी कोशिश की।
उन्होंने दावा किया कि तहलका के काम के कारण उनके पिता को निशाना बनाया गया और बलात्कार का आरोप उन्हें चुप कराने के लिए इस्तेमाल किया गया। तेजपाल को नवंबर 2013 में गोवा में तहलका पत्रिका के एक कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में अपनी कनिष्ठ सहकर्मी का यौन उत्पीड़न करने के आरोपों के बाद गिरफ्तार किया गया था।