By रेनू तिवारी | Mar 01, 2026
अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों को अक्सर 'दुनिया की सबसे जटिल प्रेम कथा' या 'मैग्नीफिसेंट डेल्यूजन' (एक शानदार भ्रम) कहा जाता है। यह एक ऐसा रिश्ता है जो कभी बेहद करीबी दोस्ती (Allies) में बदल जाता है, तो कभी गहरे अविश्वास (Distrust) की खाई में गिर जाता है। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष की आंच अब पाकिस्तान तक पहुँच गई है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमले में हुई मौत के बाद कराची में जो मंजर देखने को मिला, उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता पैदा कर दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर 'मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस' के ऐलान और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरी मुस्लिम दुनिया में उबाल है।
इसका सबसे हिंसक असर पाकिस्तान के कराची में देखने को मिला, जहाँ रविवार को उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) पर हमला कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और सुरक्षा चुनौती बन गई है। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ ने कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) को निशाना बनाया, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रविवार दोपहर सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के परिसर में घुस गए। भीड़ ने दूतावास की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और अमेरिका विरोधी नारेबाजी की।पुलिस अधिकारी मोहम्मद जवाद ने बताया कि बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) ने पहले लाठीचार्ज किया और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई इस हिंसक झड़प में कम से कम एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कराची की घटना पर रिपोर्ट तलब की है। फिलहाल वाणिज्य दूतावास के आसपास के पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। दूतावास के कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रदर्शनकारी शहर के अन्य हिस्सों में भी इकट्ठा हो रहे हैं।
News Source- Press Trust OF India