By अंकित सिंह | Mar 26, 2026
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने गुरुवार, 26 मार्च को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनकी पत्नी को नोटिस जारी किया। यह नोटिस जन प्रतिनिधि सभा की विशेष अदालत द्वारा मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) घोटाले के मामले में 'बी' रिपोर्ट स्वीकार करने की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका के संबंध में जारी किया गया है। न्यायमूर्ति एस सुनील दत्त यादव की एकल पीठ ने मैसूर लोकायुक्त, प्रवर्तन निदेशालय के पुलिस अधीक्षक, सिद्धारमैया के बहनोई मैदुना मल्लिकार्जुन स्वामी, एमयूडीए के पूर्व आयुक्त जीटी दिनेश कुमार और मामले में विवादित भूमि के मालिक जे देवराजू को भी नोटिस जारी किया।
एमयूडीए ने पार्वती को उनकी 3.16 एकड़ जमीन के बदले 50:50 के अनुपात में भूखंड आवंटित किये थे, जिस पर प्राधिकरण ने एक आवासीय परियोजना विकसित की थी। इस योजना के तहत, एमयूडीए आवासीय परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित अविकसित भूमि के बदले भूस्वामियों को विकसित भूमि का 50 प्रतिशत हिस्सा आवंटित करता है। कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस ने सिद्धरमैया, उनकी पत्नी और उनके साले के खिलाफ इस सिलसिले में मामला दर्ज किया था। लोकायुक्त पुलिस ने बाद में ‘क्लोजर रिपोर्ट’ दाखिल करके उन्हें क्लीन चिट दे दी, जिसे 28 जनवरी को जन प्रतिनिधियों से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने स्वीकार कर लिया।