'बेटी विवाहित होने पर भी बेटी ही रहेगी', सैनिक कल्याण और पुनर्वास विभाग की जेंडर स्टीरियोटाइप मानदंड को कर्नाटक HC ने किया खारिज

By अभिनय आकाश | Jan 04, 2023

एक विवाहित बेटी एक बेटी की तरह ही रहती है, जिस तरह से एक विवाहित बेटा एक बेटा रहता है, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सैनिक कल्याण बोर्ड के दिशानिर्देश को खारिज करते हुए फैसला सुनाया है, जिसमें द्वारा 25 वर्ष से कम आयु की विवाहित बेटियों को आश्रित पहचान पत्र (आई-कार्ड) जारी करने के लिए अपात्र ठहराया गया है। वहीं, यदि आई-कार्ड जारी किया जाता है तो उन्हें पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित श्रेणी में सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने के योग्य बनाता है।

इसे भी पढ़ें: SP नेता आजम खान को बड़ा झटका, यूपी से केस को बाहर ट्रांसफर करने की मांग को SC ने किया खारिज

हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी कहा है कि वह बलों में बदलते लिंग समीकरणों के कारण पूर्व रक्षा कर्मियों को पूर्व सैनिकों के रूप में संदर्भित करना बंद करे और पूर्व-सैनिकों के लिंग-तटस्थ नामकरण पर विचार करे। कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना ने यह आदेश सेना के एक पूर्व सैनिक सूबेदार रमेश खंडप्पा पुलिस पाटिल की 31 वर्षीय बेटी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया, जो वर्ष 2001 में 'ऑपरेशन पराक्रम' के दौरान खानों को साफ करते समय शहीद हो गए थे। 

प्रमुख खबरें

त्योहारी सीजन में Zostel बुकिंग 50 प्रतिशत बढ़ी, हम्पी और ऋषिकेश बने पहली पसंद

भारत के खिलाफ ODI में Finn Allen को मध्यक्रम में उतारेगा New Zealand, कोच Rob Walter ने बताई रणनीति

Jayaprakash Narayan की जयंती पर Yogi Adityanath और Akhilesh Yadav ने किया नमन

Delhi में COJPA नेताओं को हिरासत में लेने पर बरसे DK Shivakumar, पूछा- लोकतंत्र है या आपातकाल