By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 27, 2022
नयी दिल्ली। लोकसभा सांसद कार्ति चिदंबरम वर्ष 2011 में 263 चीनी नागरिकों को वीजा जारी कराने के मामले में कथित तौर पर रिश्वत लेने के आरोपों को लेकर चल रही पूछताछ के सिलसिले में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष पेश हुए। यह मामला तब का है, जब कार्ति के पिता पी चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे।
प्राथमिकी के मुताबिक, बिजली संयंत्र स्थापित करने का काम चीनी कंपनी कर रही थी और यह परियोजना तय अवधि से काफी पीछे चल रही थी। इसमें कहा गया है कि टीएसपीएल के एक अधिकारी ने चीनी कर्मचारियों के लिए दोबारा वीजा जारी करने के एवज में कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। हालांकि, कार्ति चिदंबरम ने सभी आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने मामले को फर्जी और राजनीति प्रतिशोध का परिणाम करार दिया है।