By अभिनय आकाश | Apr 28, 2026
दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने बुधवार को कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने कथित Diageo Scotland रिश्वत मामले के सिलसिले में CBI द्वारा दर्ज केस को रद्द करने की मांग की थी। हाई कोर्ट चिदंबरम की उस याचिका की जांच कर रहा है, जिसमें उन्होंने FIR को चुनौती दी है। यह FIR उन आरोपों से जुड़ी है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके Diageo Scotland द्वारा बनाई गई व्हिस्की की ड्यूटी-फ्री बिक्री पर लगी रोक को हटवाने में मदद की थी। CBI ने आरोप लगाया है कि अवैध रिश्वत Advantage Strategic Consulting Pvt. Ltd. के ज़रिए दी गई थी, जो कथित तौर पर उनसे और उनके सहयोगी से जुड़ी एक कंपनी है।
याचिका में आगे कहा गया है कि उन्हें किसी भी प्रारंभिक जांच में शामिल होने के लिए नहीं बुलाया गया था और FIR में किसी ऐसे विशिष्ट सरकारी कर्मचारी की पहचान नहीं की गई है, जिस पर कथित तौर पर उनका प्रभाव पड़ा हो। इसमें यह भी दावा किया गया है कि इस मामले में कोई प्रथम दृष्टया (prima facie) सबूत नहीं है। हालांकि, CBI का कहना है कि उसकी जांच में डियाजियो स्कॉटलैंड और अन्य संस्थाओं द्वारा एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को किए गए संदिग्ध भुगतानों का पता चला है, जो एक व्यापक साजिश की ओर इशारा करते हैं।