By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 18, 2026
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में डेढ़ माह के एक बच्चे की कथित तौर पर खरीद-फरोख्त के मामले में पुलिस ने बच्चे की मां, एक चिकित्सक और उसकी पत्नी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। कासगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओपी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बच्चे की मां, जो जिले के सोरों थाना क्षेत्र के बनूपुर पुख्ता की निवासी है, सलेमपुर निवासी डॉ. अरुण कुमार और उनकी पत्नी तथा हाथरस जिले के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के बारासरी निवासी महिपाल और उनकी पत्नी के रूप में हुई है।
उसने बताया कि वह फरीदाबाद में सोनपापड़ी बनाने वाली एक कंपनी में काम करता है। शिकायत के अनुसार, अरविंद की पत्नी ने उसे फोन पर बताया था कि वह 16 अक्टूबर को अपने डेढ़ माह के बेटे को दवा दिलाने के लिए कासगंज गई थी। कासगंज बस अड्डे पर उसने बच्चे को एक अज्ञात महिला के पास छोड़ा और लघुशंका के लिए चली गई।
वापस लौटने पर महिला बच्चे के साथ गायब थी। शिकायतकर्ता को बाद में कथित तौर पर पता चला कि उसकी पत्नी ने डॉ. अरुण कुमार और उनकी पत्नी के साथ मिलकर बच्चे को एक दंपति को बेच दिया था। इस मामले में सोरों थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक, एसपी के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी (नगर) आंचल चौहान के नेतृत्व में सोरों थाना पुलिस और जिला विशेष अभियान समूह (एसओजी) की टीम ने शनिवार को चंदपुरा-गऊपुरा कट के पास बने यात्री प्रतीक्षालय से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसपी ओपी सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान बच्चे की मां ने कथित तौर पर बताया कि उसे बच्चे को बेचने के बदले 1.30 लाख रुपये मिले थे। इनमें से 1.20 लाख रुपये उसके बैंक खाते में जमा किए गए थे, जबकि 10 हजार रुपये नकद खर्च कर दिए गए।
उन्होंने बताया कि चिकित्सक अरुण कुमार और उनकी पत्नी ने कथित तौर पर पूछताछ में बताया कि उन्होंने बच्चे की मां के खाते में 1.20 लाख रुपये जमा कराए थे और 10 हजार रुपये नकद दिए थे। शेष 70 हजार रुपये में से 10 हजार रुपये खर्च कर दिए गए, जबकि 60 हजार रुपये एक कमरे और सोरों के लहरा रोड स्थित दुकान में रखे गए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर यह रकम बरामद कर ली।
महिपाल और उनकी पत्नी ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि उन्होंने चिकित्सक दंपति के माध्यम से बच्चे की मां की सहमति से दो लाख रुपये में बच्चा खरीदा था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।