By Ankit Jaiswal | Oct 18, 2026
भारतीय टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा इन दिनों अपनी बल्लेबाजी की भूमिका में बदलाव के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। अब तक तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करना उनकी पहली पसंद रही है, लेकिन टीम की जरूरत को देखते हुए उन्हें 5वें और 6वें नंबर पर उतरना पड़ रहा है। तिलक मानते हैं कि इस बदलाव में थोड़ी मुश्किल जरूर है, लेकिन लगातार अभ्यास और मजबूत सोच के दम पर वह इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभा सकते हैं।
तिलक ने बताया कि व्यक्तिगत तौर पर तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करना उनके लिए ज्यादा आसान है, लेकिन फिलहाल भारतीय टीम के शुरुआती बल्लेबाजी क्रम में एक तय संयोजन है। ऐसे में उन्हें निचले क्रम में अपनी जगह बनानी होगी। उन्होंने कहा कि टीम के लिए मैच जिताना उनके लिए सबसे अहम है और वह इसी लक्ष्य के साथ अपनी तैयारी कर रहे हैं।
मौजूद आंकड़ों के अनुसार, छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए तिलक का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। इस स्थान पर 9 मैचों में उन्होंने 65.66 की औसत और 195 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। वहीं, 5वें और 6वें नंबर पर खेलते हुए 26 पारियों में उनका औसत 46 और स्ट्राइक रेट 158 रहा है। ये आंकड़े बताते हैं कि वह जरूरत के मुताबिक तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
भारतीय टीम में ईशान किशन की वापसी ने भी बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया है। ईशान तीसरे नंबर पर अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर चौथे नंबर पर खेल रहे हैं। इसके अलावा अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी को पारी की शुरुआत करने का मौका मिल रहा है। ऐसे में तिलक के पास फिलहाल 5वें और 6वें नंबर पर खेलने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं हैं।
अपनी नई भूमिका को बेहतर बनाने के लिए तिलक अभ्यास सत्र में अतिरिक्त मेहनत कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस क्रम पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी को कई बार केवल 5 से 6 ओवर ही मिलते हैं। ऐसे में तेजी से रन बनाना जरूरी होता है। यदि गेंदबाज धीमी गेंद बल्लेबाज की पहुंच में डालता है, तो उसे बड़े शॉट लगाकर उसका फायदा उठाना चाहिए।
तिलक का मानना है कि वह अपनी तकनीक और शॉट खेलने की क्षमता के कारण किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। उनके मुताबिक, 1 या 2 दिन अभ्यास करने के बाद वह अपनी भूमिका के अनुसार खुद को ढाल सकते हैं।
लगातार क्रिकेट खेलने और अलग-अलग देशों में यात्रा करने की चुनौती पर भी तिलक ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों को अलग समय क्षेत्र और बदलते मौसम के साथ तालमेल बैठाना पड़ता है। देश के लिए खेलने वाले खिलाड़ी को मानसिक रूप से मजबूत रहना चाहिए और हर चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिए।
गौरतलब है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज से भारतीय टीम को बल्लेबाजी में कई सकारात्मक संकेत मिले हैं। तिलक ने बताया कि भारत ने हर मुकाबले में 200 से ज्यादा रन बनाए, जो टीम के लिए अच्छी बात है। उन्होंने नीतीश रेड्डी, शिवम दुबे और नमन धीर के योगदान को भी अहम बताया। अब भारतीय टीम न्यूजीलैंड दौरे की तैयारी करेगी, जहां खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने की चुनौती का सामना करना है।