By अनन्या मिश्रा | Aug 08, 2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज में स्थित काशीश्वर मंदिर की अपनी विशेषता के लिए फेमस है। यहां पर स्थापित करीब 4 फीट ऊंचे शिवलिंग में पूरा शिव परिवार विराजमान माना जाता है। इस शिवलिंग पर प्राकृतिक रूप से बनी लाल धारियों और आकृतियों में मां पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की छवि साफ दिखेगी। राजा काशी प्रसाद द्वारा यह मंदिर 1860 में बनवाया गया था। तो आइए जानते हैं इस मंदिर की खासियत के बारे में...
इस मंदिर का शिखर इतना ऊंचा है कि इसको कई किमी दूर से भी देखा जा सकता है। काशीश्वर महादेव का मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्थल है।
मोहनलालगंज में मौजूद इस मंदिर में शिवलिंग में मां पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की छवि है। शिवलिंग पर बनी लाल धारियों को शिव परिवार की छवि मानी जाती है। इसके अलावा गर्भग्रह में भगवान गणेश, मां दुर्गा, सूर्य देव और भगवान विष्णु की मूर्तियां विराजमान हैं। वहीं मंदिर के गर्भग्रह के बाहर नंदी महाराज विराजमान है
मंदिर सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है। महाशिवरात्रि और सावन के महीने में यहां भक्तों की भारी भीड़ लगती है। प्रतिदिन शाम को डमरू, नगाड़ों और मंजीरों की थाप पर बाबा का भव्य शृंगार और महाआरती की जाती है। इसके अलावा वह मंदिर के बारे में बताते हुए कहते हैं कि मंदिर का शिखर इतना ऊंचा है, कि पांच किलोमीटर दूर से यह नजर आता है।
अगर आप भी इस सावन काशीश्वर महादेव मंदिर के दर्शन करना चाहती हैं। तो आपको लखनऊ चारबाग स्टेशन या रायबरेली स्टेशन आना होगा।
लखनऊ चारबाग स्टेशन से मोहनलालगंज की दूरी 25-30 किमी है। चारबाग से आप ऑटो या बस से यहां तक आ सकती हैं।
वहीं रायबरेली स्टेशन से मोहनलालगंज की दूरी करीब 58 किमी है। आप बस या ऑटो से यहां पहुंच सकती हैं।
वहीं मोहनलालगंज मेन रोड से मंदिर की दूरी करीब 740 किमी है। यहां से आप पैदल या फिर ऑटो आदि से मंदिर तक पहुंच सकती हैं।