By नीरज कुमार दुबे | Sep 18, 2026
कश्मीर की वादियों में मौसम ने अचानक करवट ली है। अभी घाटी पूरी तरह सर्दियों के आगोश में नहीं आई है, लेकिन ऊंचे पहाड़ों पर मौसम ने बर्फ की पहली सफेद इबारत लिख दी है। गुरुवार को गुलमर्ग और गुरेज के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम की पहली बर्फबारी हुई, जिसने हरे-भरे पहाड़ों को देखते ही देखते सफेद चादर में ढक दिया। वहीं, कश्मीर घाटी के मैदानी इलाकों में रातभर हुई बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी।
उधर, गुरेज घाटी के तुलैल क्षेत्र में स्थित काबुल गली ने भी मौसम की पहली बर्फ का स्वागत किया। ऊंचाई पर बसे इस इलाके में तापमान गिरने के साथ ही पहाड़ों ने सफेदी ओढ़ ली। काबुल गली, तुलैल घाटी और आसपास के अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में हुई बर्फबारी ने हरे पहाड़ों को एक मनमोहक शीतकालीन तस्वीर में बदल दिया है।
हम आपको बता दें कि गुरेज की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसी तुलैल घाटी वैसे भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है। यहां पहली बर्फबारी का दृश्य पर्यटकों के लिए किसी जीवंत चित्र से कम नहीं है। दूर तक फैली पहाड़ी ढलानों पर ताजा बर्फ, ठंडी हवाओं की सरसराहट और बादलों से घिरे पहाड़ कश्मीर की उस तस्वीर को सामने ला रहे हैं, जिसे देखने का सपना देश-विदेश से आने वाले अनेक पर्यटक देखते हैं।
हालांकि पहाड़ों पर बर्फबारी हुई, लेकिन घाटी के मैदानी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा। श्रीनगर समेत कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में रातभर बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारों का अनुमान जताया है। शुक्रवार से मौसम के मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।
उधर, पहली बर्फबारी के साथ गुलमर्ग और गुरेज के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड भी बढ़ गई है। पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वालों को बदलते मौसम और तेजी से गिरते तापमान को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
फिलहाल कश्मीर की ऊंची चोटियों ने सर्दियों का पहला निमंत्रण दे दिया है। बर्फ से सजे गुलमर्ग और तुलैल की तस्वीरें आने वाले दिनों की उस कश्मीर की झलक दिखा रही हैं, जहां पहाड़ सफेद होते हैं, हवाओं में ठंडक घुलती है और घाटी की खूबसूरती मानो किसी रोमानी कहानी का हिस्सा बन जाती है।