By अभिनय आकाश | Feb 23, 2024
कश्मीरी कार्यकर्ता और पत्रकार याना मीर ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने के लिए पाकिस्तान के प्रचार की कड़ी निंदा की और कहा कि वो कश्मीर में पूरी तरह से सुरक्षित और स्वतंत्र हैं। उन्होंने नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई से भी तुलना की, जिन्हें महिलाओं के अधिकारों की वकालत करने के लिए पाकिस्तान में गोली मार दी गई थी। लंदन में यूके संसद द्वारा आयोजित 'संकल्प दिवस' में मीर ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया समुदाय से जम्मू-कश्मीर के लोगों को विभाजित करना बंद करने का आग्रह किया। कार्यकर्ता ने कहा कि वह 'मलाला यूसुफजई नहीं हैं', जिन्हें आतंकवाद के गंभीर खतरों के कारण पाकिस्तान से भागना पड़ा था। भारत हमेशा ऐसी ताकतों के खिलाफ एकजुट रहेगा।
उन्होंने मीडिया से अपने यूके रूम से रिपोर्टिंग करके अवांछित चयनात्मक आक्रोश और भारतीय समाज को ध्रुवीकृत करने के प्रयासों को रोकने की भी अपील की, उन्होंने कहा कि हजारों कश्मीरी माताएं पहले ही अपने बेटों को आतंकवाद के कारण खो चुकी हैं। मीर को जम्मू और कश्मीर में विविधता की वकालत करने के लिए विविधता राजदूत पुरस्कार मिला।