By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 07, 2026
कोझिकोड, सात नवंबर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर देश में लोकतंत्र की “हत्या” करने का शनिवार को आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपमानित होकर अपना पद छोड़ना पड़ेगा। कांग्रेस की ओर से केरलम के कोझिकोड में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को संबोधित करते हुए वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि कुमार और अन्य निर्वाचन आयुक्तों को कानून के तहत छूट मिली हुई है और वे इसका इस्तेमाल लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने के लिए कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के जरिये मतदाता सूची से 13.32 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम से ये लोग न केवल मतदान के अधिकार से वंचित हो जाएंगे, बल्कि उन्हें मिलने वाले अन्य सरकारी लाभ भी छिन जाएंगे। वेणुगोपाल ने सीईसी का जिक्र करते हुए कहा, “जिस दिन से उन्हें यह सुरक्षा मिली, उसी दिन से उन्होंने हमारे लोकतंत्र को बर्बाद करना शुरू कर दिया।” कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के व्यापक परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड की जगह मतदाता पहचान पत्र का इस्तेमाल होने लग सकता है।
वेणुगोपाल ने एक केंद्रीय मंत्री ओर से पटना में हाल ही में की गई टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटा दिए जाने से असल में वह कई अन्य अधिकारों और लाभ से भी वंचित हो जाएगा, जो उसे मिलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार को उम्मीद थी कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के सहयोग से एसआईआर प्रक्रिया को आसानी से लागू किया जा सकेगा, लेकिन दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शनों ने इस योजना को चुनौती दे दी। वेणुगोपाल ने कहा कि कुमार को सीईसी के पद से हटा दिया जाएगा और लोगों को इसकी उल्टी गिनती शुरू कर देनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैं बिना किसी शक के साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से हटा दिया जाएगा। दिन गिनना शुरू कर दीजिए। उनके खिलाफ अभी और भी गंभीर खुलासे होने बाकी हैं।” वेणुगोपाल ने मोदी को राहुल गांधी के साथ सार्वजनिक बहस में हिस्सा लेने की चुनौती दी।
उन्होंने यह चुनौती भाजपा के राहुल पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाने की पृष्ठभूमि में दी। वेणुगोपाल ने कहा, “राहुल गांधी ने नरेन्द्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है। अगर आपमें (मोदी) हिम्मत और आत्मविश्वास है, तो आइए और बहस कीजिए।
आप क्यों भाग रहे हैं?” उन्होंने कहा कि मोदी देश के इतिहास में सबसे ज्यादा बदनाम होकर पद छोड़ने वाले प्रधानमंत्री होंगे। कांग्रेस की ओर से दिल्ली में एक नवंबर को किए गए विरोध-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए वेणुगोपाल ने दावा किया कि वहां लगभग 10 लाख लोगों की भीड़ जमा हुई थी। उन्होंने इसे राष्ट्रीय राजधानी में पिछले चार दशक में किसी आयोजन में देखी गई सबसे बड़ी भीड़ बताया।
वेणुगोपाल ने कहा कि इस विरोध-प्रदर्शन में न केवल कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, बल्कि उन लोगों ने भी हिस्सा लिया, जो लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा करना चाहते हैं। इस विरोध-प्रदर्शन को नागरिकों की पहचान और अस्तित्व की लड़ाई बताते हुए वेणुगोपाल ने सरकार को चेतावनी दी कि वह पुलिस, सीआरपीएफ या सशस्त्र बलों के जरिये विपक्ष को दबाने की कोशिश न करे। उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसी किसी भी कार्रवाई का और अधिक मजबूती से जवाब देने में सक्षम है।