फिल्मों के शौकीन तेलंगाना की राजनीति के सरताज KCR मना रहे आज अपना जन्मदिन, जानिए उनकी पूरी कहानी

By Prabhasakshi News Desk | Feb 17, 2025

तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव दक्षिण की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखते है। दक्षिण भारत की राजनीति उत्तर भारत की राजनीति से अलग है। वहां शुरू से ही क्षेत्रीय पार्टियों का अधिकार रहा है। राष्ट्रीय पार्टियां वहां नगण्य रही है। ये स्थिति दक्षिण के लगभग सभी राज्यों में देखी जा सकती है, चाहे तमिलनाडु हो, केरल हो या आंध्र प्रदेश या तेलंगाना। हैदराबाद से तेलंगाना एक अलग राज्य के अस्तित्व के लिए दशकों से संघर्ष कर रहा था। पार्टियां उन्हीं मुद्दों के दम पर चुनाव में कुर्सियां पा रही थी। कई नेताओं ने नए राज्य तेलंगाना के लिए आंदोलन किया, उनमें से एक केसीआर का भी है।

कांग्रेस के द्वारा 30 जुलाई 2013 को पृथक तेलंगाना राज्य का निर्णय ले लिया गया। बाद में 5 दिसंबर, 2013 को तेलंगाना के विभाजन के प्रारूप को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई और 18 फरवरी, 2014 को तेलंगाना विधेयक लोक सभा में पारित हो गया। बाद में दो दिन बाद इस विधेयक को राज्यसभा से भी स्वीकृति मिल गई। बाद में इस विधेयक को राष्ट्रपति की स्वीकृति भी मिल गई और इस प्रकार 2 जून, 2014 को हैदराबाद से कटकर देश में तेलंगाना एक अलग 29वां राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। लेकिन इसमें केसीआर की पार्टी ‘तेलंगाना राष्ट्र समिति’ का योगदान बहुत अधिक था, परिणामतः नवनिर्मित राज्य तेलंगाना के पहले मुख्यमंत्री के रूप में के चंद्रशेखर राव ने शपथ ली।

केसीआर का जन्म और परिवार

आंध्र प्रदेश के मेडक जिले के चिंतामडका गांव में के चंद्रशेखर राव का जन्म आज ही दिन यानी 17 फरवरी, 1954 को हुआ था। के चंद्रशेखर राव का पूरा नाम कलवकुंतला चंद्रशेखर राव है। लोग उन्हें केसीआर के नाम से भी जानते है। चंद्रशेखर राव के पिता का नाम राघवार राव और माता का नाम वेंकटम्मा था। के चंद्रशेखर राव के बड़ा भाई और 9 बहने है। के चंद्रशेखर राव की पत्नी का नाम शोभा है। उनकी शादी 23 अप्रैल, 1969 को हुई थी। के चंद्रशेखर राव के एक बेटी और एक बेटा है। बेटे का नाम कलवाकुतंला तारक रामाराव है, जबकि बेटी का नाम कलवाकुतंला कविता है।

राव की शिक्षा

के चंद्रशेखर राव की प्रारंभिक शिक्षा आंध्र प्रदेश में ही हुई। बाद में हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय से तेलुगु साहित्य में स्नातकोत्तर की।

जानिए कैसा रहा राजनीतिक सफर

के चंद्रशेखर राव तेलंगाना राष्ट्र समिति पार्टी, जिसका वर्तमान नाम भारत राष्ट्र समिति है, के मुखिया हैं। वे राजनीति के पुराने खिलाड़ी माने जाते है। उन्होंने कई पार्टियां बदली और अंत में स्वयं की पार्टी बना ली वे केंद्र में मंत्री भी रह चुके है। के चंद्रशेखर राव की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत वर्ष सत्तर के दशक में हुई थी। उन दिनों वे मेडक जिले की यूथ कांग्रेस से जुड़ गए थे। तब के समय यूथ कांग्रेस के मुखिया संजय गांधी हुआ करते थे, मगर बाद में वे 1983 में एन टी रामा राव की पार्टी तेलुगु देशम से जुड़ गए। 1985 में केसीआर सिद्धिपेट विधानसभा सीट से खड़े हुए। उसके बाद वह सिद्धिपेट से 1999 तक लगातार जीतते रहे। वे सिद्दिपेट से लगातार चार बार जीते।

तो वहीं, तेलंगाना राज्य के गठन के लिए केसीआर ने लम्बे समय से संघर्ष किया था। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2001 में तेलंगाना राष्ट्र समिति पार्टी का गठन भी किया था। इसलिए राज्य की स्थापना के साथ ही वे 2 जून, 2014 को तेलंगाना के पहले मुख्यमंत्री बने और राज्य में होने वाले दूसरे चुनाव वर्ष 2018 में भी वे पुनः जीतकर दोबारा मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को कांग्रेस के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी। वर्ष 2004 में केंद्र में यूपीए के शासन में आने पर केसीआर मनमोहन सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके है। वर्ष 2004 से 2006 तक वे परिवहन व जलमार्ग मंत्री एवं पुनः श्रम व रोजगार मंत्री रह चुके है।

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