तुम देखते रहो सपने, तालिबान ने क्यों सरेआम उड़ाई अमेरिका की खिल्ली!

By अभिनय आकाश | Jul 08, 2026

दुनिया की सबसे ताकतवर महाशक्ति अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। लेकिन अब उसी अमेरिका को अफगानिस्तान से खुली चुनौती मिल रही है। जिस तालिबान को कभी अमेरिकी सेना ने दो दशक तक खत्म करने की कोशिश की। आज वही तालीबान अमेरिका के दावों पर तंज कस रहा है। दरअसल तालिबान सरकार के सूचना एवं संस्कृति मंत्री मुहाजिर फराही ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है जिसमें ट्रंप ने अफगानिस्तान के रणनीतिक बगराम एयरबेस पर दोबारा अमेरिकी कंट्रोल की बात कही थी। फराही ने कहा कि ट्रंप बगराम एयरबेस सिर्फ अपने सपनों में ही हासिल कर सकते हैं। अमेरिकी सेना का वह दौर खत्म हो चुका है और अब यह बेस उनकी पहुंच से बाहर है। यह बयान ऐसे समय में आया जब ट्रंप लगातार यह कहते रहे हैं कि अमेरिका को बगराम एयरबेस दोबारा अपने कंट्रोल में लेना चाहिए। 

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मंत्री मुहाज़िर फराई ने कहा कि अफगानिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है और किसी भी बाहरी हमले का जवाब देगा। यह बयान पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल के तनाव के बीच आया है। दोनों देशों के बीच सीमा पर लगातार तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान का दावा है कि उसने आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई की है। जबकि अफगानिस्तान ने नागरिकों के हताहत होने का आरोप लगाया है। दिलचस्प बात तो यह है कि पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच तालिबान ने भारत के साथ अच्छे संबंधों की इच्छा दोहराई है। फराही ने कहा कि अफगानिस्तान की विदेश नीति पूरी तरह राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ अफगानिस्तान के ऐतिहासिक और व्यापारिक रिश्ते रहे हैं और कोई भी देश यह तय नहीं कर सकता कि अफगानिस्तान किससे दोस्ती रखे और किससे नहीं। हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि ट्रंप के बगराम एयरबेस को लेकर दिए गए बयान और तालिबान की प्रतिक्रिया राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है। 

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अमेरिका की ओर से बगराम एयरबेस पर दोबारा कंट्रोल स्थापित करने की कोई आधिकारिक सैन्य योजना सार्वजनिक नहीं की गई। लेकिन इतना जरूर है कि जिस तालीबान को कभी अमेरिका सैन्य ताकत के दम पर सत्ता से हटाने निकला था, आज वही तालीबान खुलकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों का मजाक उड़ा रहा है। बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच यह घटनाक्रम इस बात का संकेत जरूर देता है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी वापसी के बाद क्षेत्रीय राजनीति और शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव आया है। इन फतहना लका फतह मुबीना इसका अर्थ है बेशक हमने यानी अल्लाह ने आपको एक खुली और स्पष्ट फतह जीत अता की है।

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