By अभिनय आकाश | Jan 26, 2025
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले मैंने अपनी सभाओं में कहा था कि ये चुनाव दिल्ली को बचाने का चुनाव है। लेकिन मुझे लगता है कि ये चुनाव केवल दिल्ली को बचाने का चुनाव नहीं है। ये चुनाव देश को बचाने का चुनाव है। ये चुनाव केवल आम आजमी पार्टी और बीजेपी के बीच का चुनाव नहीं है। ये चुनाव दो किस्म के विचारधाराओं का चुनाव है। केजरीवाल ने कहा कि सरल भाषा में कहे तो ये चुनाव इस बात को लेकर है कि जनता को ये तय करना है कि देश का और राज्य का सरकारी खजाना और सरकारी पैसा कहां खर्च होना चाहिए, किसपर खर्च होना चाहिए और कैसे खर्च होना चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जनता टैक्स देती है। यहां तक की गरीब से गरीब आदमी तक टैक्स देता है। जब बाजार से गरीब आदमी एक माचिस खरीद कर लाता है, खाने पीने की चीज खरीदता है। कुछ भी खरीदता है तो उस पर जीएसटी लगता है। सारा पैसा देश के गरीब से गरीब आदमी, मीडिल क्लास और अमीर आदमियों से सरकारें एकट्ठा करती हैं। ये पैसा कैसे खर्च होना चाहिए। ये चुनाव ये तय करने का चुनाव है।
यह घटनाक्रम दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सामने आया है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस का लक्ष्य अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप को लगातार तीसरी बार सत्ता में वापस आने से रोकना है। बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए एक ही चरण में 5 फरवरी को मतदान हो रहा है जबकि वोटों की गिनती 8 फरवरी को होनी है। दिल्ली में कुल 70 विधानसभा सीटें हैं, जिससे किसी भी पार्टी या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 36 चाहिए। आप, भाजपा और कांग्रेस, शीर्ष प्रतिस्पर्धी दल, प्रचार चरण में कई मुद्दों पर भिड़ गए हैं, जिसमें नवीनतम मुद्दा यमुना नदी का प्रदूषित पानी है।