By अंकित सिंह | Oct 08, 2024
हरियाणा में आम आदमी पार्टी ने इस बार अपनी पूरी ताकत लगाई थी। पूरी ताकत के साथ पार्टी 90 सीटों पर उम्मीदवार भी उतारी थी। हालांकि पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोशिश की गई थी। लेकिन कहीं ना कहीं बात नहीं बनने की स्थिति में आम आदमी पार्टी अकेले ही चुनावी मैदान में उतरी थी। हालांकि, आम आदमी पार्टी के लिए हरियाणा में अच्छी खबर दिखाई नहीं दे रही है। आम आदमी पार्टी शुरुआती रुझानों में बहुत पीछे हैं। आम आदमी पार्टी एक भी सीट पर आगे नहीं है। शुरुआती रुझानों में जो आम आदमी पार्टी को वोट प्रतिशत मिले हैं। वह 1.59 प्रतिशत है। ऐसे में आप के लिए बहुत सुखद स्थिति हरियाणा में दिखाई नहीं दे रही है। आप को सीट भी मिलती हुई नहीं देख रही।
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस पिछड़ रही है और आप-कांग्रेस गठबंधन नहीं होने की बात पर उन्होंने कहा कि यह मूल्यांकन करना मेरा काम नहीं है। दोनों दलों के आलाकमान इस बात का आकलन करेंगे कि इससे क्या फायदा या नुकसान हुआ और क्या किया जाना चाहिए था या क्या नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि हमने उस समय एक सकारात्मक प्रयास किया। हमने राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन बनाया और हम भाजपा को बैसाखी पर ले आए। अगर यहां भी ऐसा किया गया होता तो नतीजे काफी अलग होते।