जेल से ही मतगणना पर नजर रखे हुए हैं केजरीवाल, पल-पल की ले रहे अपडेट्स

By अभिनय आकाश | Jun 04, 2024

दिल्ली की सात संसदीय सीटों पर हुए लोकसभा चुनाव के नतीजे आज, 4 जून को घोषित किए जाएंगे। लोकसभा चुनाव के छठे चरण में दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), आम आदमी पार्टी (आप)-कांग्रेस गठबंधन और मायावती की बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर 25 मई को मतदान हुआ, जो राष्ट्रीय राजधानी के चुनावी परिदृश्य में एक प्रभावी क्षण था। चिलचिलाती गर्मी के बावजूद दिल्ली में शाम 5 बजे तक 53.73 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। वोटों की गिनती जारी है। वहीं सातवें चरण की वोटिंग के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वापस तिहाड़ में सरेंडर कर दिया है। 

इसे भी पढ़ें: केजरीवाल ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, हनुमान मंदिर में दर्शन किये

मुकाबले में कौन-कौन

भाजपा और बसपा ने सभी सात लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, आप ने चार निर्वाचन क्षेत्रों नई दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली - पर चुनाव लड़ा था, जबकि कांग्रेस ने शेष तीन - चांदनी चौक, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पर चुनाव लड़ा था। आप ने पूर्वी दिल्ली सीट से कुलदीप कुमार, पश्चिमी दिल्ली से महाबल मिश्रा, नई दिल्ली से सोमनाथ भारती और दक्षिणी दिल्ली से सही राम पहलवान को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने चांदनी चौक सीट से जेपी अग्रवाल, उत्तर पूर्वी दिल्ली से कन्हैया कुमार और उत्तर पश्चिम दिल्ली सीट से उदित राज को मैदान में उतारा है। दूसरी ओर, भाजपा ने उत्तर पूर्वी दिल्ली के लिए मनोज तिवारी, दक्षिणी दिल्ली के लिए रामवीर सिंह बिधूड़ी, नई दिल्ली के लिए बांसुरी स्वराज, पूर्वी दिल्ली के लिए हर्ष दीप मल्होत्रा, उत्तर पश्चिम दिल्ली के लिए योगेन्द्र चंदोलिया, चांदनी चौक और पश्चिमी दिल्ली के लिए कमलजीत सहरावत, प्रवीण खंडेलवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है।

प्रमुख खबरें

दिल्ली के करोल बाग में सनसनी: तड़के हुई गोलीबारी में एक युवक घायल, आरोपियों की तलाश जारी

West Bengal Elections 2026 | डेटा सुरक्षा के लिए निर्वाचन आयोग के नए निर्देश, SD कार्ड निकालने पर लगी रोक

Ex Army Chief General Naravane का बड़ा खुलासा, LAC गतिरोध के दौरान सेना को मिली थी पूरी छूट, राजनीति से रहें दूर

Meta Layoffs | मेटा का बड़ा फैसला! AI पर फोकस बढ़ाने के लिए 8,000 कर्मचारियों की छंटनी, आगे भी मंडरा रहे खतरे