By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 27, 2020
नयी दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में बाहरी और कुछ राजनीतिक एवं असामाजिक तत्व शामिल थे। वहीं आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह और गोपाल राय ने मांग की कि हिंसा को काबू में करने के लिए दंगा प्रभावित इलाकों में सेना तैनात की जाए। मुख्यमंत्री ने दिल्ली विधानसभा में अपने संबोधन में गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि जरूरत पड़े तो दंगा प्रभावित इलाकों में सेना को तैनात किया जाए। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली का आम आदमी हिंसा में संलिप्त नहीं था और कहा कि शवों के ढेर पर आधुनिक दिल्ली का निर्माण नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हर किसी को नुकसान हुआ है और नफरत एवं हिंसा की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बुधवार की शाम को केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कुछ दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से बातचीत की।
आप नेता सिंह ने आरोप लगाया कि एक ओर तो शाह बैठकें कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता उकसावे वाले बयान दे रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘स्थिति को लेकर गृह मंत्री ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। दूसरी ओर भाजपा नेता कपिल मिश्रा हिंसा भड़का रहे हैं। भाजपा के लक्ष्मी नगर के विधायक अभय वर्मा भी कल भड़काऊ नारे लगाते देखे गए। यह भाजपा के दोहरे चरित्र का उदाहरण है।’’ सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की महिला शाखा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिल्ली के लोगों ने ‘‘मुफ्त बिजली और पानी की भारी कीमत’’ चुकाई है। सिंह और राय दोनों ने पूछा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अनुरोधों के बावजूद सीमावर्ती इलाकों को सील क्यों नहीं किया गया। संजय सिंह ने दावा किया कि हालात को काबू में करने के लिए आप सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, साथ ही कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह महज ‘‘औपचारिकता’’ के लिए बैठकें नहीं कर सकते। सिंह ने कहा, ‘‘गृह मंत्री जाग जाईये, आप महज औपचारिकता के लिए बैठकें बुला रहे हैं, और आपकी पार्टी के सदस्य क्या कर रहे हैं। वे हिंसा भड़का रहे हैं। महज औपचारिकता के लिए बैठकें करने से समाधान निकलने वाला नहीं है।’’