केन-बेतवा नदी को जोड़ने की परियोजना से बुंदेलखंड में खुलेंगे विकास के नए दरवाजे

By सुयश भट्ट | Dec 09, 2021

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केन-बेतवा नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी का गुरुवार को स्वागत किया है। उन्होंने कहा किइससे राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास के नए दरवाजे खुलेंगे।

मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि 44,605 करोड़ रुपये की परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और जल संकट से राहत मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को केन-बेतवा नदियों को जोड़ने की परियोजना के वित्तपोषण और कार्यान्वयन को मंजूरी दे दी।

उन्होंने बताया कि परियोजना की कुल लागत 44,605 करोड़ रुपये आंकी गई है। कैबिनेट ने परियोजना के लिए 39,317 करोड़ रुपये के केंद्रीय समर्थन को मंजूरी दी है, जिसमें 36,290 करोड़ रुपये का अनुदान और 3,027 करोड़ रुपये का ऋण शामिल है। इस परियोजना से मध्य प्रदेश और पड़ोसी उत्तर प्रदेश में फैले पानी की कमी वाले बुंदेलखंड क्षेत्र को लाभ होगा।

इसे भी पढ़ें:भोपाल में प्रेमी जोड़े ने की आत्महत्या, पुलिस जुटी जांच में 

जानकारी के अनुसार यह परियोजना प्रधानमंत्री के उन क्षेत्रों से पानी ले जाने के दृष्टिकोण को लागू करने के लिए अंतरराज्यीय सहयोग की शुरुआत करती है जो नदियों को जोड़ने के माध्यम से सूखाग्रस्त क्षेत्रों में अधिशेष वाले क्षेत्रों में पानी ले जाते हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस परियोजना से मध्य प्रदेश के पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, दतिया, विदिशा, शिवपुरी और रायसेन जिलों और उत्तर प्रदेश के बांदा, महोबा, झांसी और ललितपुर को फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस कदम से पिछड़े बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को सहायता देकर और रोजगार पैदा करके सामाजिक-आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

इसे भी पढ़ें:हेलिकॉप्टर के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का भोपाल से है नाता, 2 सप्ताह पहले 10 दिन के लिए आए थे भोपाल 

उन्होंने कहा कि यह इस क्षेत्र से संकटपूर्ण प्रवास को रोकने में भी मदद करेगा। केन-बेतवा परियोजना में दौधन बांध और दो नदियों को जोड़ने वाली एक नहर के निर्माण के माध्यम से केन नदी से बेतवा नदी में पानी का हस्तांतरण शामिल है।

 उन्होंने बयान में कहा गया है कि यह परियोजना 10.62 लाख हेक्टेयर भूमि की वार्षिक सिंचाई, लगभग 62 लाख की आबादी को पेयजल प्रदान करेगी और 103 मेगावाट जल विद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा भी पैदा करेगी। यह परियोजना आठ वर्षों में अत्याधुनिक तकनीक के साथ लागू होने की उम्मीद है।

प्रमुख खबरें

Numerology 28 October: मूलांक 1 से 9 तक के जातकों के लिए करियर, सेहत और रिश्तों का हाल

28 October, 2026 Stock Market Updates: Sensex 345 अंक गिरा, 22,708 पर खुला Nifty; IT Stocks बने कमजोरी की वजह

Punjab Drugs Crisis: मान सरकार पर भड़के Raja Warring, बोले- पंजाब में सच बोलना कब से अपराध हो गया?

Israel में Likud की बढ़त पर बोले Benjamin Netanyahu, अरब दलों से समझौते का सवाल नहीं