'जब लाचारों पर चलेगा बुलडोजर, तो प्रतिक्रिया आना स्वाभाविक है', CM विजयन का Bengaluru Action पर जवाब

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 02, 2026

केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने बृहस्पतिवार को कहा कि बेंगलुरु में हाल में घरों को गिराए जाने जैसे मुद्दों पर वह इसलिए प्रतिक्रिया देने से नहीं हिचकेंगे, क्योंकि मामला दूसरे राज्य का है। विजयन से एक प्रेस वार्ता में पूछा गया कि क्या उन्होंने शिवगिरि मठ में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ अपनी बैठक के दौरान तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता देर से पहुंचे और उन्हें कैबिनेट बैठक में शामिल होना था, इसलिए उन्हें अनुमति लेकर जल्दी जाना पड़ा।

इसे भी पढ़ें: Switzerland Tragedy: क्रान्स-मोंटाना अग्निकांड पर भारत ने जताया शोक, 40 जिंदगियां हुईं खत्म

 

विजयन ने कर्नाटक के नेताओं द्वारा तोड़फोड़ के मुद्दे में हस्तक्षेप न करने की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विध्वंस या अल्पसंख्यक अधिकारों जैसे मुद्दों पर वह (विजयन) अपनी प्रतिक्रिया को राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं रखते हैं। उन्होंने कहा, हम ऐसे मामलों में कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं, यहां तक कि जब गाजा जैसे अन्य देशों में भी इसी तरह के मुद्दे उठते हैं, तब भी वह कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।’’

इसे भी पढ़ें: केरल नए सवेरे के लिए तैयार, फिक्स्ड मैच वाली राजनीति जल्द खत्म होगी, PM मोदी ने बताया BJP का Future Plan

विजयन ने कहा कि जब लाचार लोगों को बुलडोजर चलाकर बेघर कर दिया जाता है तो प्रतिक्रिया देना स्वाभाविक है। पिछले महीने, विजयन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि बेंगलुरु में घरों को गिराने की घटना अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाली राजनीति का एक रूप दर्शाती है, जो पहले उत्तर भारत में देखी गई थी, और यह कहते हुए आगाह किया था कि इस तरह का चलन दक्षिण भारत में भी फैल रहा हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि कर्नाटक में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के तहत इसे अंजाम दिया गया है, जिसे उन्होंने बुलडोजर न्याय बताया था।

प्रमुख खबरें

तमिलनाडु का War on Drugs, CM Stalin ने Modi सरकार से कहा- मिलकर लड़ना होगा

KKR में बांग्लादेशी Player पर बवाल, इमाम बोले- शाहरुख खान देश से माफी मांगें

Indore deaths: CM मोहन यादव का Big Action, कमिश्नर को कारण बताओ नोटिस जारी

भारत के इरादों को गलत समझने से बचाने के लिए संवाद जरूरी: Jaishankar