केरल के वित्त मंत्री बालगोपाल ने कहा, सार्वजनिक खर्च में कटौती नहीं करेंगे

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 06, 2021

तिरुवनंतपुरम। केरल ने कहा है कि वह सार्वजनिक खर्च में कटौती नहीं करेगा। केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने कहा कि ऐसे समय जबकि हम एक सदी के सबसे गंभीर संकट के दौर में हैं, वृहद राजकोषीय लक्ष्यों हासिल करने के लिए सार्वजनिक खर्च में कटौती करना सही कदम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह एक प्रतिगामी कदम साबित होगा, जिससे अर्थव्यवस्था और सिकुड़ जाएगी। बालगोपाल ने पीटीआई-से साक्षात्कार में कहा कि इस तरह के संकट से बाहर निकलने के लिए ‘कुछ अलग हटकर’ करने की जरूरत है।

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खर्च में कटौती का कोई सवाल पैदा नहीं होता। बल्कि यह समय है जबकि हमें कुछ अलग हटकर सोचना चाहिए। एक लोकतांत्रिक सरकार के रूप में हमें लोगों की आजीविका को सुरक्षित करना है। इसका मतलब है कि हमें खर्च जारी रखना होगा, जिससे आर्थिक गतिविधियां रुके नहीं।’’ उन्होंने आगाह किया कि हम संभवत: ऐसे दौर में हैं, जो महामंदी से भी बुरा है। मुझे डर है कि आगे हमें और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2014-15 से 2018-19 के दौरान केरल का राजस्व 61 प्रतिशत से घटकर 55 प्रतिशत पर आ गया।

मंत्री ने कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन के बाद राज्य के राजस्व में अधिक तेज गिरावट आई है। उसके बाद से राज्य का कुल कर संग्रह एक-तिहाई घट गया है। उन्होंने कहा कि राज्य का गैर-कर राजस्व घटकर आधा यानी 6,000 करोड़ रुपये रह गया है। राज्य के बजट में कर का हिस्सा 95,000 करोड़ रुपये से अब 87,000-88,000 करोड़ रुपये रह गया है। उन्होंने कहा कि इस वजह से राज्य का सार्वजनिक ऋण सकल घरेलू उत्पाद के 36 प्रतिशत के पार हो गया है।

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